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ISRO, DRDO और एयर इंडिया को बम से उड़ाने की धमकी देने वाला गिरफ्तार, दिल्ली पुलिस ने गाजियाबाद से दबोचा

Published: Fri, 03 Jul 2026 12:19 AM (GMT+05:30)

दिल्ली पुलिस ने एनआईए, इसरो, डीआरडीओ और एयर इंडिया सहित कई संस्थानों को बम की फर्जी धमकी देने वाले गाजियाबाद के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।

Arrested
Arrested

HighLights

  1. गाजियाबाद से फर्जी बम धमकी देने वाला गिरफ्तार

  2. एनआईए, इसरो, एयर इंडिया को भेजी थी धमकी

  3. आरोपी का मानसिक बीमारी का चल रहा इलाज

जागरण संवाददाता, दक्षिणी दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने एनआइए, इसरो, डीआरडीओ और एयर इंडिया की उड़ान सहित कई शिक्षण संस्थाओं को ई-मेल भेजकर बम की फर्जी धमकी देने के आरोप में गाजियाबाद के एक व्यक्ति को पकड़ा है। पुलिस ने बताया कि 36 वर्षीय आरोपित का 2008 से मानसिक बीमारी का इलाज चल रहा है।

अधिकारियों ने बताया कि 29 जून को भेजे गए ईमेल में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआइए), भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो), न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनपीसीआइएल), रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) और नागरिक उड्डयन मंत्रालय (एमओसीए) के मुख्यालय सहित कई उच्च-सुरक्षा वाले प्रतिष्ठानों में बमों के रखे होने का दावा किया गया था।

सभी धमकियां फर्जी मिली थीं

नई दिल्ली से न्यूयॉर्क जाने वाली एयर इंडिया की उड़ान के लिए भी एक धमकी भरा ईमेल भेजा गया था, जिससे तत्काल सुरक्षा जांच शुरू की गई और कई एजेंसियों को सतर्क कर दिया गया था।

पुलिस ने कहा कि सभी संबंधित संगठनों और सुरक्षा एजेंसियों को सूचित किया गया और मानक सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया, और धमकियां फर्जी पाई गई।

पुलिस ने ईमेल रिकॉर्ड की विस्तृत जांच से जांचकर्ताओं को खातों से जुड़ा एक मोबाइल नंबर मिला। तकनीकी निगरानी का उपयोग करते हुए, पुलिस टीम को 30 जून को आरोपित को गाजियाबाद के संयोग नगर स्थित उसके घर से पकड़ लिया।

मानसिक तौर पर है बीमार 

आरोपित निशांत त्यागी को लेकर प्रारंभिक जांच के दौरान यह सामने आया कि वह 2008 से कथित तौर पर मानसिक बीमारी से पीड़ित है। वर्षों से विभिन्न चिकित्सा संस्थानों में उसका इलाज चल रहा है।

अधिकारियों ने कहा कि उसके परिवार के सदस्यों ने पुलिस को उसके लंबे चिकित्सा इतिहास के बारे में भी बताया। पुलिस ने कहा कि जांच के दौरान कोई विस्फोटक या संदिग्ध सामग्री बरामद नहीं हुई। ईमेल भेजने के पीछे के मकसद का पता लगाने के लिए जांच चल रही है।

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