जागरण संवाददाता, नई दिल्ली: विघ्नहर्ता भगवान गणेश की भक्ति में सराबोर होने को लेकर राजधानी में तैयारियां अंतिम दौर में हैं। मंदिरों में विशेष रूप से सजावट की गई है। देव मंदिर रोशनी से नहा रहे हैं। अनेक जगहों पर पंडाल लगाए गए हैं। उधर, गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश की विशेष कृपा पाने के लिए लोग बृहस्पतिवार देर शाम तक भक्तिभाव से लंबोदर की मूर्तियों को अपने घर ले जाते दिखे। शुक्रवार सुबह भगवान गणेश की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा कर भक्त उनकी पूजा-अर्चना में जुट जाएंगे।

दस दिन चलने वाले इस आयोजन की तैयारियों में श्रद्धालुओं ने कोई कमी नहीं छोड़ी है। भगवान गणेश की मूर्ति स्थापना के लिए गली-मोहल्लों, मंदिरों और घरों को विशेष रूप से सजाया गया है। छोटी मूर्तियों से लेकर कई फीट ऊंची मूर्तियां पंडालों में सजने को तैयार हैं।

गणेश चतुर्थी के लिए लोगों ने कई जगह बड़े-बड़े पंडाल लगाए हैं, जिनमें सुबह से ही गणेश प्रतिमाओं की स्थापना का कार्यक्रम पूरे विधि विधान से शुरू होगा। इस मौके के लिए लोगों ने ढोल नंगाड़े का भी प्रबंध किया गया है।

कई दिन तक चलने वाले इस धार्मिक उत्सव को मनाने लिए पंडालों में आरती के लिए डीजे आदि की भी व्यवस्था की है। कई जगह तो ंिवशेष तौर कार्यक्रमों का भी आयोजन की तैयारियां चल रही हैं। इसमें धार्मिक नृत्य का आयोजन विशेष रहेगा।

मूर्तियां खरीदने दुकानों पर उमड़ी भक्तों की भीड़

झंडेवालान मंदिर के पास और प्रताप बाग में भगवान गणेश की मूर्तियों को खरीदने के लिए दिनभर दुकानों पर भक्तों की भीड़ लगी रही। यहां रंग-बिरंगे भगवान गणेश से सजी दुकानों पर भक्त बरबस ही खिंचे चले आ रहे थे। साल दर साल दिल्ली में गणेश चतुर्थी को बड़े स्तर पर मनाने की गतिविधियों में तेजी आई हैं।

इको फ्रेंडली मूर्तियां खरीद रहे हैं भक्त

मूर्ति विसर्जन के समय नदियों का पानी दूषित न हो, इसके लिए विशेष तौर बायोडिगरेबल मूर्तियों का निर्माण किया गया है। भक्त भी मूर्ति खरीदने में सजग दिखे और उन्होंने इको फ्रेंडली मूर्तियों की खरीदारी की। गणेश विसर्जन के लिए अभी से यमुना के घाटों पर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।

Posted By: Jagran