नई दिल्ली। दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा 11 मई तक 91 दिन की अवधि के दौरान प्रिंट मीडिया के विज्ञापन में करीब 15 करोड़ रुपये खर्च करने पर केंद्र सरकार की नजरें टेढ़ी हो गई हैं।

अत्यधिक और चयनात्मक विज्ञापन को लेकर केंद्र सरकार ने बीबी टंडन पैनल का गठन किया है। यह पैनल विज्ञापनों पर बराबर नजर रखेगा। गृहमंत्रालय के अधिकारी के मुताबिक, यह संभव है की बीबी टंडन कमेटी इन सब पर अपनी नजर रखे।

यहां पर याद दिला दें कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) दिल्ली में विज्ञापन के बजट को लेकर अरविंद केजरीवाल की अगुवाई वाली आप सरकार पर निशाना साधती आ रही है।

सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी में एक दिलचस्प बात यह पता चली है कि केजरीवाल सरकार से विज्ञापन छापने के लिए धन प्राप्त करने वाले प्रकाशनों में केरल, कर्नाटक, ओडिशा और तमिलनाडु समेत अन्य राज्यों के दैनिक अखबार शामिल हैं।

यहां पर याद दिला दें कि दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार ने 11 मई तक 91 दिन की अवधि के दौरान प्रिंट मीडिया के विज्ञापन में करीब 15 करोड़ रुपये खर्च किए। सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी में एक दिलचस्प बात यह पता चली है कि केजरीवाल सरकार से विज्ञापन छापने के लिए धन प्राप्त करने वाले प्रकाशनों में केरल, कर्नाटक, ओडिशा और तमिलनाडु समेत अन्य राज्यों के दैनिक अखबार शामिल हैं।

अधिवक्ता अमन पंवार के आरटीआई आवेदन के जवाब के अनुसार दिल्ली सरकार ने 10 फरवरी से 11 मई के दौरान विज्ञापन पर करीब 14.56 करोड़ रुपये खर्च किए। विज्ञापन अभियान के कारण कांग्रेस पार्टी ने रविवार को आम आदमी पार्टी पर हमला बोला।

कांग्रेस नेता अजय माकन ने कहा कि एक ओर तो हमारे पास सफाई कर्मचारियों को तनख्वाह देने के लिए पैसे नहीं हैं, लेकिन दूसरी ओर वे अपने विज्ञापन में इतनी बड़ी राशि खर्च कर रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि लोकसभा में हाल में ही बताया गया था कि दिल्ली सरकार ने जनवरी और अप्रैल के दो चरणों में सम-विषम योजना के विज्ञापन पर करीब पांच करोड़ रुपये खर्च किए।

नई दिल्ली: दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार ने 11 मई तक 91 दिन की अवधि के दौरान प्रिंट मीडिया के विज्ञापन में करीब 15 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।

सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी में एक दिलचस्प बात यह पता चली है कि केजरीवाल सरकार से विज्ञापन छापने के लिए धन प्राप्त करने वाले प्रकाशनों में केरल, कर्नाटक, ओडिशा और तमिलनाडु समेत अन्य राज्यों के दैनिक अखबार शामिल हैं।

अधिवक्ता अमन पंवार के आरटीआई आवेदन के जवाब के अनुसार दिल्ली सरकार ने 10 फरवरी से 11 मई के दौरान विज्ञापन पर करीब 14.56 करोड़ रुपये खर्च किए। विज्ञापन अभियान के कारण कांग्रेस पार्टी ने रविवार को आम आदमी पार्टी पर हमला बोला।

कांग्रेस नेता अजय माकन ने कहा, 'एक ओर तो हमारे पास सफाई कर्मचारियों को तनख्वाह देने के लिए पैसे नहीं हैं, लेकिन दूसरी ओर वे अपने विज्ञापन में इतनी बड़ी राशि खर्च कर रहे हैं।' उल्लेखनीय है कि लोकसभा में हाल में ही बताया गया था कि दिल्ली सरकार ने जनवरी और अप्रैल के दो चरणों में सम-विषम योजना के विज्ञापन पर करीब पांच करोड़ रुपये खर्च किए।

Posted By: JP Yadav

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