जागरण संवाददाता, नई दिल्ली : लाल किले के प्रागंण में पिछले 10 दिनों से चल रही रामलीला का शनिवार को भरत मिलाप के साथ समापन हो गया है। अंतिम दिन भी लोग परिवार के साथ रामलीला देखने के लिए पहुंचे। रावण के वध के बाद शनिवार को आगे की लीला का मंचन हुआ, जिसमें हनुमान द्वारा सीता को विजय होने की सूचना देने का दृश्य देखा। इसके अलावा विधानसभा में नव श्रीधार्मिक रामलीला की ओर भरत मिलाप का प्रसंग कराया गया, जिसमें दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविद केजरीवाल भी शामिल रहे।

शनिवार को लाल किले के परिसर में लीला का मंचन किया गया, जिसमें भगवान शिव और माता पार्वती का पुष्प विमान से स्वागत किया गया, जिसके बाद वह मंच पर बनाए गए कैलाश पर्वत पर जाकर बैठे, जिसके भगवान राम और लक्ष्मण ने हाथ छोड़कर स्वागत किया। इसके बाद विभीषण द्वारा लंका का कार्यभार संभालने के साथ साथ राम का राज्याभिषेक आदि ²श्यों का मंचन किया गया। बाद में समुद्र किनारे पूजा करने के बाद भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान के साथ पुष्पक विमान से अयोध्या पहुंचे। --------- भरत को देखकर भगवान राम की आंखें हुई नम लीला के दौरान मंच पर जब वनवास के 14 साल बाद भगवान श्रीराम भरत से मिले तो दोनों की आखें नम होती हैं। इस भावपूर्ण ²श्य को देखकर दर्शकदीर्घा में बैठे दर्शकों की आखें भी नम हो गई। हर कोई भातृ प्रेम को देखकर भावुक था। इसके बाद हनुमान जब अपनी माता अंजनी से मिलते हैं तो वह ²श्य भी दर्शकों की भावुक कर गया। अंत में धूमधाम से राम अपने राज्य संभालते हैं, जिसमें उनका राज्याभिषेक कर लीला का समापन हुआ। ------- विधानसभा में होगा हर धर्म का सम्मान विधानसभा में नव श्रीधार्मिक रामलीला कमेटी द्वारा भरत मिलाप और राज्यभिषेक का आयोजन कराया गया। इसमें मुख्यमंत्री अरविद केजरीवाल भी शामिल हुए। उन्होंने भगवान राम की पूजा अर्चना की। इसके बाद उन्होंने कहा कि असत्य पर सत्य की जीत का पर्व दशहरा है। कमेटी के मंत्री प्रकाश चंद बाराठी ने कहा कि समारोह में विधानसभा के अध्यक्ष राम निवास गोयल मौजूद रहे। वहीं, मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद रहे मुख्यमंत्री अरविद केजरीवाल ने कहा कि कमेटी ने इतने कम समय में बहुत अच्छा प्रबंध किया। उन्होंने कहा कि विधानसभा में ऐसे कार्यक्रम होते रहेंगे, जिससे सभी धर्म के लोगों की भावनाओं का सम्मान किया जाएगा।

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