जागरण संवाददाता, दक्षिणी दिल्ली :

बिजली न होने के कारण 27 साल से परेशानी झेल रहे ग्यासपुर व बहलोलपुर कॉलोनी के हजारों लोगों को जल्द समस्या से निजात मिल जाएगी। पीयूजेएस सोशल वेलफेयर एंड एजुकेशनल सोसायटी के अध्यक्ष व भाजपा कार्यकर्ता अखिलेश चंद्र शुक्ला के प्रयास से दोनों कॉलोनियों में बिजली की लाइन डाली जा चुकी है। बीएसईएस के अधिकारियों ने शिविर लगाकर कनेक्शन के लिए लोगों के फार्म भी भरवा लिए हैं। जल्द लोगों को बिजली का कनेक्शन मिल जाएगा। इससे उनकी बिजली की परेशानी हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी।

क्या है समस्या

सराय काले खां के पास स्थित ग्यासपुर व बहलोलपुर दो कॉलोनी है। दोनों में करीब तीन हजार की आबादी है। इन दोनों कॉलोनियों के लोग 27 साल से मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। बिजली न होने के कारण दोनों कॉलोनियां में अंधेरा छाया रहता है। इस कारण लोगों को अपने घरेलू काम करने में दिक्कत होती है। रात में बच्चों को पढ़ने में दिक्कत होती है। गर्मी के सीजन में लोगों को काफी परेशान का सामना करना पड़ता है।

नहीं मिल रहा सरकार की योजना का फायदा

दरअसल, बिजली कंपनी ने इन दोनों कॉलोनियों में ठेकेदार को 10-10 किलोवाट के दो कनेक्शन दे रखे हैं, जिसे बिजली चाहिए उसे ठेकेदार से कनेक्शन लेना पड़ता है। इसके एवज में 9-10 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से भुगतान करना पड़ता है। दोनों कॉलोनियों में ज्यादातर लोगों की आर्थिक स्थित ऐसी नहीं है कि प्रति यूनिट इतनी रकम का भुगतान कर सकें। ऐसे में 90-95 फीसद लोग अंधेरे में जीवन व्यतीत करने को मजबूर हैं। बिजली न होने के चलते यहां के लोगों को दिल्ली सरकार की बिजली में छूट योजना का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है।

इस तरह हुआ समस्या का निस्तारण

जुलाई 2018 में ग्यासपुर व बहलोलपुर कॉलोनी के लोगों ने पीयूजेएस सोशल वेलफेयर एंड एजुकेशनल सोसायटी के अध्यक्ष व भाजपा कार्यकर्ता अखिलेश चंद्र शुक्ला से संपर्क किया और उन्हें समस्या से अवगत कराया। इस पर अखिलेश चंद्र शुक्ला अगस्त 2018 कॉलोनी के लोगों को लेकर बीएसईएस कंपनी के अधिकारियों से मिले और बिजली की लाइन डलवाने की मांग की। इसके बाद वह अफसरों से लगातार संपर्क में रहे और लोगों को समस्या से निजात दिलाने के बीएसईएस के अधिकारियों से मौके का निरीक्षण कराया। अब दोनों कॉलोनियों में खंभे लगवाकर बिजली की लाइन डलवा दी गई है। शिविर लगवाकर कनेक्शन के लिए फार्म भी भरवा दिए गए हैं।

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बिजली न होने के कारण रोजमर्रा के काम निपटाने में काफी दिक्कत होती है। शाम होते ही पूरा इलाका अंधकार में डूब जाता है। ऐसे में हर वक्त अनहोनी होने का खतरा लगा रहता है, लेकिन पीयूजेएस सोशल वेलफेयर एंड एजुकेशनल सोसायटी के प्रयास से बिजली की लाइन डलने व कनेक्शन का फार्म भरने के बाद उम्मीद जगी है कि जल्द समस्या से निजात मिल जाएगी।

- सुजीत कुमार यादव।

कॉलोनी में कोई बुनियादी सुविधा नहीं है। सरकारें आती-जाती रहीं, लेकिन किसी ने हमारी समस्याओं का समाधान करने की सुध नहीं ली। बिजली व अन्य बुनियादी सुविधाएं न होने के कारण जीवनयापन में काफी दिक्कत होती है। बिजली की समस्या का लगभग निस्तारण हो गया है। अन्य सुविधाएं भी जल्द दी जानी चाहिएं।

- रामदेव।

बिजली न होने के कारण ग्यासपुर व बहलोलपुर दोनों कॉलोनियों में लोगों की काफी दिक्कत होती है। बिजली की समस्या का समाधान हो गया है। बरसात के मौसम में कॉलोनियों के रास्तों में पानी भर जाता है। इस कारण आवागमन में दिक्कत होती है। जल्द ही दोनों कॉलोनियों में सड़कें व नालियां भी बनवाई जानी चाहिए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।

- अजब सिंह।

बिजली न मिलने के कारण अंधकार में जीवन जीने को मजबूर लोगों की समस्या जुलाई 2018 में संज्ञान में आई। इसके बाद दोनों कॉलोनियों में बिजली सप्लाई कराने को अभियान की तरह लेकर निरंतर फॉलो किया गया। अधिकारियों से लगातार बातचीत कर लोगों की समस्या का समाधान कराया गया। जल्द दोनों कॉलोनियों में हर घर रोशन हो जाएगा।

- अखिलेश चंद्र शुक्ला, अध्यक्ष, पीयूजेएस सोशल वेलफेयर एंड एजुकेशनल सोसायटी।

Posted By: Jagran

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