जागरण संवाददाता, नई दिल्ली : छात्र-छात्राओं में बेहतर शिक्षा और संस्कार की नींव डालने वाले शिक्षण संस्थानों से नए साल में कुछ नए बदलाव लाने की उम्मीद है। कई संस्थानों ने कुछ घोषणाएं की हैं, वहीं कई संस्थान नए साल में इसकी जानकारी देने की तैयारी कर रहे हैं। सबसे अधिक बदलाव नई शिक्षा नीति के आने के बाद उच्च शिक्षा और प्राथमिक शिक्षा में आने की संभावना है। उम्मीद है कि नई शिक्षा नीति में नए भारत की शिक्षा व्यवस्था संस्कार के साथ मूल्यपरक होगी और यह विवि व स्कूलों में लागू होगी।

दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिला प्रक्रिया दुरुस्त करने के लिए बेहतर व्यवस्था के इंतजाम होने की सूचना है। दाखिले के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया को बाधामुक्त बनाने के साथ-साथ इसको प्रोफेशनल बनाने की तैयारी है। डीयू में इस साल साइबर सिक्योरिटी एंड लॉ का डिप्लोमा कोर्स शुरू होने की उम्मीद है। वहीं, इस वर्ष डीयू का इतिहास लिखे जाने की योजना को अमलीजामा पहनाया जायेगा। ज्ञात हो कि 2022 में डीयू अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे करने जा रहा है।

इसके अलावा गत वर्ष प्राथमिक तथा उच्च शिक्षा के क्षेत्र में की गई घोषणाएं इस वर्ष पूरी हो सकती हैं। केंद्र सरकार की कैशलेस योजना और मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा सभी विश्वविद्यालयों को जारी निर्देश के बाद संभावना है कि कई कॉलेज व विवि की कैंटीन भी कैशलेस हो जाएंगी। डीयू में नियुक्ति प्रक्रिया नए मानकों के साथ फिर शुरू हो चुकी है। यहां रिक्त लगभग साढे़ चार हजार पद भरे जाने की उम्मीद है। डीयू में इस वर्ष स्कूल ऑफ जर्नलिज्म खुलने के बाद अब अन्य कई कोर्स खुलने की उम्मीद है। जामिया मिलिया इस्लामिया में कुछ नए कोर्स शुरू हुए, इग्नू में भी दूरस्थ शिक्षा के लिए रेडियो व टेलीविजन माध्यम से प्रसारण के लिए करार किए गए हैं। इनके नए सत्र में पूरी तरह से संचालित होने की संभावना है।

केंद्रीय विश्वविद्यालय गरीब व पिछड़े वर्ग के छात्रों को प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कराने के लिए कक्षाएं संचालित कर सकते हैं। आइपी विश्वविद्यालय, डीटीयू्र, आइजीडीटीयू सहित अन्य विवि में भी इस वर्ष नए सत्र में कुछ बदलाव होने के संकेत हैं। इनकी घोषणा दाखिला से पहले होने की संभावना है। तकनीक आधारित शिक्षा के क्षेत्र में अधिकांश विश्वविद्यालय कोर्स संचालित करने की योजना बना रहे हैं। जेएनयू में इंजीनिय¨रग का कोर्स शुरू होने की उम्मीद है। वहीं, इस वर्ष भी नजीब की गुमशुदगी, साक्षात्कार के अंक व हास्टल का मुद्दा छाये रहने की आशंका है।

प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा के क्षेत्र में दिल्ली सरकार ने अपने स्तर पर कुछ बदलाव किए हैं। परीक्षा के परिणाम में सुधार, स्कूलों में भवन निर्माण से छात्रों को मिलने वाली सुविधा तथा सरकार के कौशल विकास कार्यक्रमों का असर भी इस वर्ष देखने को मिल सकता है।

इस वर्ष शिक्षकों को प्रशिक्षित करने के साथ उनकी नियुक्तियों की भी शुरुआत हो सकती है। संभावना है कि शिक्षा क्षेत्र में दिल्ली सरकार व एलजी संयुक्त रूप से प्रयास करेंगे। शिक्षकों की नियुक्ति व स्कूलों को और सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 10वीं व 12वीं की परीक्षा होली के बाद शुरू हो सकती है। छात्रों को तनाव मुक्त शिक्षा देने के साथ संस्कारयुक्त शिक्षा के लिए सीबीएसई प्रयास कर सकती है। कौशल विकास को लेकर विश्वविद्यालयों में नए कोर्स शुरू हो सकते हैं। साथ ही कई विश्वविद्यालयों का सरकारी संस्थाओं के अलावा विदेशी विश्वविद्यालयों से कौशल विकास के क्षेत्र में करार होने की उम्मीद है।

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