सत्य निकेतन हादसे के बाद DU का बड़ा कदम, हॉस्टल क्षमता बढ़कर होगी 12,754 सीट; 3 महीने में पूरा होगा काम
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रों के लिए सुरक्षित और किफायती आवास सुनिश्चित करने हेतु अपनी छात्रावास क्षमता को दोगुना से अधिक बढ़ा रहा है।

सांकेतिक तस्वीर एआई जनरेटेड
HighLights
डीयू में छात्रावास क्षमता 12,754 सीटों तक बढ़ाने की तैयारी।
कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने तीन माह में कार्य पूरा करने के दिए निर्देश।
सत्य निकेतन हादसे के बाद छात्रों के लिए सुरक्षित आवास पर जोर।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। सत्य निकेतन में पीजी भवन हादसे के बाद छात्रों के लिए सुरक्षित और किफायती आवास की जरूरत के बीच दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) ने हॉस्टल क्षमता बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।
डीयू प्रशासन के अनुसार, विश्वविद्यालय और उसके कॉलेजों में हॉस्टल की कुल क्षमता बढ़कर 12,754 सीट होने जा रही है। इनमें विश्वविद्यालय स्तर पर 7,344 और कॉलेज में 5,410 सीटें होंगी।
डीयू में विश्वविद्यालय स्तर पर 3,422 हॉस्टल सीटें उपलब्ध थीं। अब 3,922 नई सीटें जोड़ी जा रही हैं। इसी तरह कॉलेज में मौजूदा 3,788 सीटों के मुकाबले 1,622 नई सीटें बढ़ाने की तैयारी है।
प्रशासन का कहना है कि अगले तीन महीनों में ये काम पूरा हो जाएगा। यह भी कहा कि पिछले चार-पांच वर्षों में हॉस्टल क्षमता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है।
महिलाओं के लिए भी बढ़ेंगी सीटें
विश्वविद्यालय के ढाका कॉम्प्लेक्स में 1,450 सीटों वाले आइओइ हॉस्टल का निर्माण अंतिम चरण में है। इसके अलावा महिलाओं के लिए 1,000 सीटों वाले निर्भया रेजीडेंशियल अकोमोडेशन और 1,050 सीटों वाले स्टूडियो अपार्टमेंट का निर्माण भी जारी है। आने वाले समय में कई अन्य हॉस्टल परियोजनाओं पर काम शुरू करने की तैयारी है।
डीयू प्रशासन ने सभी कॉलेज प्राचार्यों को भी अपने यहां उपलब्ध आवासीय सुविधाओं की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। निर्माणाधीन हॉस्टल को जल्द पूरा कर छात्रों को उपलब्ध कराने के साथ नए हॉस्टल की संभावनाएं तलाशने को कहा गया है।
कॉलेज से उपलब्ध जमीन, सरकारी योजनाओं और अन्य आवश्यकताओं का आकलन कर प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया है। प्रशासन के अनुसार, जल्द ही कई नए हॉस्टल प्रोजेक्ट सरकार के समक्ष भी भेजे जाएंगे।
