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JNU के बाद अब DU में भी छेड़छाड़ का मामला, DSJ के ओएसडी पर छात्रा का गंभीर आरोप; जांच कमेटी गठित

Published: Thu, 15 Oct 2026 07:32 PM (IST)

डीयू के दिल्ली स्कूल ऑफ जर्नलिज्म में एक छात्रा ने ओएसडी डॉ. संजय वर्मा पर छेड़छाड़, बॉडी शेमिंग और जातिगत भेदभाव के गंभीर आरोप लगाए हैं।

जेएनयू के बाद अब डीयू के प्रोफेसर पर छेड़छाड़ का आरोप। फोटो: आर्काइव

जेएनयू के बाद अब डीयू के प्रोफेसर पर छेड़छाड़ का आरोप। फोटो: आर्काइव

HighLights

  1. डीयू छात्रा ने ओएसडी डॉ. संजय वर्मा पर लगाए आरोप

  2. छेड़छाड़, बॉडी शेमिंग और जातिगत भेदभाव का दावा

  3. मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। जेएनयू में छात्राओं से जुड़े विवादों के बीच अब डीयू के दिल्ली स्कूल ऑफ जर्नलिज्म (डीएसजे) में भी एक छात्रा ने संस्थान के विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) डॉ. संजय वर्मा पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया है।

छात्रा ने इस संबंध में कुलगुरु को ईमेल पर पत्र भी लिखा है। छात्रा ने ओएसडी पर छात्राओं के कपड़ों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां करने, बाॅडी शेमिंग और जातिगत आधार पर अंक देने में भेदभाव करने जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें तत्काल पद से हटाने की मांग की है।

मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है, जो अपनी रिपोर्ट कुलगुरु को सौंपेगी।

ओएसडी बोले, आरोपों में सच्चाई नहीं

डॉ. संजय वर्मा ने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि कुछ विद्यार्थी कक्षाओं में मनमाने तरीके से आते-जाते थे और समय का पालन नहीं करते थे।

सख्ती बरतने के कारण कुछ छात्र बाहरी लोगों के प्रभाव में आकर गलत आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह अपना पक्ष कुलगुरु के सामने रखेंगे। वह निर्दोष हैं। वहीं, डीयू के प्रोक्टर मनोज सिंह ने कहा कि मामले की जांच चल रही है।

डीएसजे पर 2018 से उठते रहे हैं सवाल

वर्ष 2017 में स्थापित डीएसजे में शुरुआती दौर से ही कक्षाओं, मीडिया लैब, कंप्यूटर, पुस्तकालय और शिक्षकों जैसी सुविधाओं की कमी को लेकर सवाल उठते रहे हैं।

वर्ष 2018 में विद्यार्थियों ने इन समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया था। उस दौरान आठ विद्यार्थियों के निलंबन से विवाद और बढ़ गया था। बाद में निलंबन वापस ले लिए गए, लेकिन संस्थान की व्यवस्था को लेकर असंतोष बना रहा।

अप्रैल 2025 में फीस के अनुरूप सुविधाएं नहीं मिलने और अकादमिक गतिविधियों को लेकर विद्यार्थियों का तत्कालीन मानद निदेशक प्रो. भारती गोरे से विवाद हुआ था।

बातचीत का वीडियो वायरल होने के बाद उनके व्यवहार पर सवाल उठे थे। विद्यार्थियों के समर्थन में तत्कालीन डूसू अध्यक्ष रौनक खत्री ने प्रदर्शन भी किया था।

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