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पिंक कार्ड को लेकर DTC बसों में अलग-अलग नियम, कहीं वसूला किराया तो कहीं 10 अक्टूबर का इंतजार

Published: Sat, 03 Oct 2026 08:17 PM (IST)

दिल्ली में डीटीसी बसों में महिलाओं की मुफ्त यात्रा के लिए पिंक कार्ड के नियमों में एकरूपता नहीं दिख रही है, जिससे यात्रियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

डीटीसी बस में पिंक टिकट को लेकर असमंजस।

डीटीसी बस में पिंक टिकट को लेकर असमंजस।

HighLights

  1. डीटीसी बसों में पिंक कार्ड नियमों की अलग-अलग व्याख्या।

  2. कुछ परिचालकों ने किराया लिया, 10 अक्टूबर से नए नियम की बात।

  3. महिलाओं में भारी असमंजस, पिंक कार्ड केंद्रों पर बढ़ी भीड़।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। बस एक, सुविधा एक, लेकिन पिंक कार्ड को लेकर नियम अलग-अलग देखने को मिले। शनिवार को डीटीसी बसों में महिलाओं की निश्शुल्क यात्रा की पड़ताल की गई तो व्यवस्था में एकरूपता नहीं दिखी।

चांदनी चौक और लक्ष्मी नगर जैसे व्यस्त बस स्टाप से अलग-अलग बसों में सफर करने वाली महिलाओं को पिंक कार्ड को लेकर अलग- अलग जवाब मिले। कहीं पिंक कार्ड नहीं होने पर महिलाओं से टिकट का किराया लिया गया तो कहीं परिचालक ने कहा कि नई व्यवस्था 10 अक्टूबर से लागू होगी। इससे महिलाओं में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

क्या है असमंजस?

एक अक्टूबर से पिंक कार्ड को लेकर व्यवस्था बदलने के बाद महिलाओं के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि कार्ड नहीं होने पर उन्हें निश्शुल्क यात्रा मिलेगी या टिकट लेना पड़ेगा।

शनिवार को बस नंबर- 73 में सफर के दौरान कुछ परिचालकों ने पिंक कार्ड नहीं होने पर महिलाओं से किराया वसूला, इसी बीच जब महिलाओं ने निश्शुल्क यात्रा का हवाला दिया, तो परिचालकों ने कार्ड जरूरी बताया।

जबकि दूसरी बस में परिचालक ने महिलाओं को बताया कि व्यवस्था अभी लागू नहीं हुई है और 10 अक्टूबर से पिंक कार्ड के आधार पर यात्रा करना अनिवार्य हो सकता है।

एक ही स्टॉप, अलग-अलग जवाब

चांदनी चौक बस स्टाप पर बस में चढ़ने वाली महिलाओं में कई को कार्ड दिखाने के लिए कहा गया। कार्ड नहीं होने पर कुछ महिलाओं को टिकट लेना पड़ा। दूसरी ओर, एक अन्य बस में परिचालक ने महिलाओं से कहा कि अभी पहले की तरह यात्रा की जा सकती है और पिंक कार्ड की अनिवार्यता 10 अक्टूबर से होगी। लक्ष्मी नगर में भी महिलाओं को इसी तरह अलग-अलग जानकारी मिलने की बात सामने आई।

इस दौरान कुछ बसों में महिलाओं और परिचालकों के बीच बहस भी हुई। महिलाएं यह समझने की कोशिश करती रहीं कि आखिर निश्शुल्क यात्रा का नियम किस तारीख से प्रभावी है। शनिवार को बसों में सामान्य दिनों की तुलना में भीड़ कम होने के कारण स्थिति ज्यादा नहीं बिगड़ी, लेकिन व्यस्त स्टाप पर यह असमंजस साफ नजर आया।

कार्ड केंद्रों पर बढ़ी भीड़

पिंक कार्ड बनवाने वाले केंद्रों पर महिलाओं की आवाजाही बढ़ गई है। कई महिलाएं इसलिए कार्ड बनवाने पहुंचीं, क्योंकि उन्हें बस में सफर के दौरान पता चला कि कार्ड नहीं होने पर किराया देना पड़ सकता है। महिलाओं का कहना है कि अगर नियम एक ही है तो सभी बसों में एक समान तरीके से लागू होना चाहिए।

महिलाओं की बात

एक बस में कार्ड नहीं होने पर टिकट लेना पड़ा, जबकि दूसरी बस में कहा गया कि 10 अक्टूबर से लागू होगा। हमें समझ नहीं आ रहा कि सही नियम क्या है।
- इंदू गुप्ता, लक्ष्मी नगर निवासी।

अगर पिंक कार्ड जरूरी है तो सभी बसों में एक ही नियम होना चाहिए। अलग-अलग जवाब मिलने से परेशानी हो रही है।
- मीना कुमारी, झंडेवालान निवासी।