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ड्राइविंग लाइसेंस नियमों में होने वाला है बड़ा बदलाव, जानिए क्या-क्या हो जाएगा मुफ्त और कहां होगी सख्ती?

Published: Tue, 27 Oct 2026 06:06 PM (IST)

केंद्र सरकार ड्राइविंग लाइसेंस नियमों में बड़े बदलावों का प्रस्ताव लाई है, जिसमें लर्नर लाइसेंस परीक्षा को सख्त करना और नाम-पते जैसे अपडेट मुफ्त करना शामिल है।

केंद्र सरकार ने ड्राइविंग लाइसेंस में होने वाले बदलावाें पर सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। फोटो: एआई जनरेटेड

केंद्र सरकार ने ड्राइविंग लाइसेंस में होने वाले बदलावाें पर सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। फोटो: एआई जनरेटेड

HighLights

  1. लर्नर लाइसेंस परीक्षा अब 75% अंकों से होगी कठिन।

  2. ड्राइविंग लाइसेंस में नाम-पता अपडेट कराना होगा मुफ्त।

  3. आवेदन पर 15 दिन में फैसला, RC शुल्क में भी राहत।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अगर आपके पास ड्राइविंग लाइसेंस है, या आप नया लाइसेंस बनवाने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके काम की है। केंद्र सरकार ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े कई नियम बदलने की तैयारी कर रही है।

प्रस्ताव में लर्नर लाइसेंस की परीक्षा को कठिन बनाने से लेकर, लाइसेंस में नाम और पता बदलवाने की फीस खत्म करने तक की बातें शामिल हैं। लेकिन इन बदलावों में आपके लिए क्या नया होगा? आइए, एक-एक करके समझते हैं।

पहला बदलाव: लर्नर लाइसेंस की परीक्षा होगी कठिन

लर्नर लाइसेंस बनवाने के लिए सुरक्षित ड्राइविंग से जुड़ा ऑनलाइन ट्यूटोरियल और उसकी परीक्षा देनी होती है। प्रस्ताव के मुताबिक, इस परीक्षा में पास होने के लिए अब 60 प्रतिशत नहीं, बल्कि कम-से-कम 75 प्रतिशत सही जवाब देने होंगे।

यानी परीक्षा में पास होने की शर्त पहले से सख्त हो सकती है। इसके अलावा, सुरक्षित ड्राइविंग का ट्यूटोरियल कम-से-कम 30 मिनट का होना प्रस्तावित है। इसे पूरा करने के लिए आवेदक को सात दिन की जगह 15 दिन मिल सकते हैं।

ध्यान रहे, यहां बात ट्यूटोरियल पूरा करने की समय-सीमा की हो रही है, परीक्षा पास करने के लिए मिलने वाले अंकों की नहीं।

दूसरा बदलाव: लाइसेंस में बदलाव करवाना हो सकता है मुफ्त

मान लीजिए, आपने अपना घर बदल लिया है। या फिर आपके नाम की स्पेलिंग गलत है, मोबाइल नंबर बदल गया है, या ईमेल अपडेट करना है।

ऐसे कामों के लिए ड्राइविंग लाइसेंस में दर्ज जानकारी बदलवानी पड़ती है। अभी इन सेवाओं के लिए निर्धारित शुल्क देना पड़ता है। लेकिन नए प्रस्ताव में लाइसेंस पर नाम और दूसरी व्यक्तिगत जानकारी बदलने की फीस खत्म करने की बात कही गई है।

पता बदलवाने, मोबाइल नंबर अपडेट करने और ईमेल बदलने जैसी सेवाओं को भी बिना शुल्क उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है। ऑनलाइन आधार प्रमाणीकरण के जरिये मिलने वाली सेवाओं पर भी फीस नहीं लेने का प्रस्ताव रखा गया है।

तीसरा बदलाव: आवेदन पर 15 दिन में फैसला

कई बार सरकारी काम में आवेदन जमा करने के बाद लोगों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। इसी समस्या को कम करने के लिए प्रस्ताव में समय-सीमा तय करने की बात कही गई है।

लाइसेंस में दर्ज जानकारी बदलने के आवेदन पर संबंधित अधिकारी को 15 दिनों के भीतर फैसला लेना होगा। अगर आवेदन खारिज किया जाता है, तो उसकी वजह भी लिखित रूप में बतानी होगी।

पता बदलने के आवेदन के मामले में एक और महत्वपूर्ण प्रस्ताव है। अगर 30 दिनों तक आवेदन न तो मंजूर होता है और न ही खारिज, तो उसे मंजूर माना जा सकता है। यानी यह बदलाव लागू होने पर लोगों को आवेदन के निपटारे के लिए एक स्पष्ट समय-सीमा मिल सकती है।

चौथा बदलाव: ड्राइविंग लाइसेंस पर बढ़ेगी जानकारी

सरकार लाइसेंस कार्ड के फॉर्मेट में भी बदलाव का प्रस्ताव लेकर आई है। इसके तहत लैमिनेटेड या PVC कार्ड का इस्तेमाल और भारतीय तथा विदेशी नागरिकों के लिए अलग-अलग फॉर्मेट रखने की बात कही गई है।

कार्ड पर ब्लड ग्रुप, राष्ट्रीयता, आपातकालीन संपर्क और अंगदान से संबंधित जानकारी जैसी प्रविष्टियां शामिल करने का प्रस्ताव भी है। इससे लाइसेंस पर उपलब्ध जानकारी का दायरा बढ़ सकता है।

पांचवां बदलाव: RC में पता बदलवाने पर भी राहत?

बात सिर्फ ड्राइविंग लाइसेंस तक सीमित नहीं है। वाहन के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, यानी RC में पता बदलवाने से जुड़े शुल्कों में भी बदलाव प्रस्तावित हैं।

इसमें कुछ शुल्क खत्म करने और NOC जमा करने में देरी पर लगने वाले मासिक शुल्क को हटाने की बात शामिल है। मौजूदा प्रस्ताव के मुताबिक, देरी पर मोटरसाइकिल के लिए 300 रुपये और दूसरे वाहनों के लिए 500 रुपये प्रति माह या उसके हिस्से के शुल्क को हटाया जा सकता है।

तो ये नियम कब से लागू होंगे?

अब सबसे जरूरी सवाल। क्या आप आज से ही इन सुविधाओं का फायदा उठा सकते हैं? तो जवाब है नहीं 21 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित ड्राफ्ट में सरकार ने लोगों से सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं।

इसके बाद प्रस्तावों पर विचार किया जाएगा और अंतिम अधिसूचना जारी होने पर ही पता चलेगा कि कौन-से बदलाव किस रूप में लागू होते हैं। इसलिए फिलहाल 75 प्रतिशत पासिंग मार्क्स, मुफ्त अपडेट और आवेदन की नई समय-सीमा को लागू नियम नहीं, बल्कि प्रस्तावित बदलाव समझना चाहिए।

सरकार का प्रस्ताव दो दिशाओं में बदलाव करने की कोशिश करता है। एक तरफ लाइसेंस से जुड़ी कुछ सेवाओं को आसान और कम खर्चीला बनाना, और दूसरी तरफ सुरक्षित ड्राइविंग की परीक्षा के मानक को सख्त करना।

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