डॉ. हेडगेवार अस्पताल में ओटी टेक्नीशियन की कमी से मरीज प्रभावित, रोजाना टालने पड़ रहे ऑपरेशन
डॉ. हेडगेवार अस्पताल में ओटी टेक्नीशियन की कमी के कारण मरीजों को परेशानी हो रही है। रोजाना कई ऑपरेशन टालने पड़ रहे हैं, जिससे मरीजों के इलाज में देरी हो रही है। अस्पताल प्रशासन टेक्नीशियन की भर्ती करने की कोशिश कर रहा है ताकि मरीजों को समय पर इलाज मिल सके।

ओटी टेक्नीशियन की कमी के कारण लग रही मरीजों की लंबी लाइन।
जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली। विश्वास नगर स्थित डॉ. हेडगेवार अस्पताल में ओटी टेक्नीशियन की कमी मरीजों पर भारी पड़ है। टेक्नीशियन की कमी की वजह से रोजाना दो से तीन आपरेशन टालने पड़ रहे हैं। एक दिन में छोटे व बड़े 30 आपरेशन यहां होते हैं। ओपीडी में तो बुरे हालात हैं।
यहां आने वाले मरीजों का कहना है कि ऑपरेशन भले ही डाक्टर करते हैं, लेकिन टेक्नीशियन के बिना वह संभव नहीं है। स्वास्थ्य विभाग को इस तरफ बहुत ध्यान देने की जरूरत है। इस साल कई माह तक अस्पताल में डिलीवरी भी बंद रही थी। यहां के मरीजों की डिलीवरी जीटीबी अस्पताल होती थी। जैसे-तैसे फिर से डिलीवरी हेडगेवार में होनी शुरू हुई है।
आठ की जगह पांच ही टेक्नीशियन
डॉ. हेडगेवार अस्पताल में एक दिन में करीब एक हजार मरीज इलाज करवाने के लिए आते हैं। यहां इमरजेंसी विभाग भी है, जहां हादसों में घायल लोग भी आते हैं। ओटी टेक्नीशियन विभाग ने बताया कि मौजूदा वक्त में अस्पताल पांच ही टेक्नीशियन हैं, जबकि आठ होने चाहिए। अस्पताल में कई विभाग हैं, जहां सर्जरी व आपरेशन होते हैं।
ऑक्सीजन प्लांट का संंचालन भी टक्नीशियन करते हैं। तीन ओटी टेक्नीशियन कुछ माह पहले दूसरे अस्पताल में ट्रांसफर कर दिए गए थे। उनकी जगह हेडगेवार अस्पताल में कोई नहीं आया है। टेक्नीशियन की कमी की वजह से वह आपरेशन टाले जा रहे तो बाद में भी हो सकते है।
अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में आपरेशन की तारीख लंबी मिलती है। जिसको मिल है और टेक्नीशियन की कमी के कारण रद हो रही है तो बड़ी बात है। स्वास्थ्य विभाग को इस समस्या को गंभीरता से लेना चाहिए। इस मामले मेंं अस्पताल प्रशासन का कहना है कि ओटी टेक्नीशियन की वजह से कोई बड़ा आपरेशन नहीं टाला गया है।

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