नई दिल्ली [रणविजय सिंह]। एम्स के निदेशक पद पर डा. रणदीप गुलेरिया को दोबारा तीन माह का सेवा विस्तार दिया गया है। इस बाबत केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया से स्वीकृति मिलने के बाद बृहस्पतिवार को एम्स प्रशासन ने आदेश जारी कर दिया है। इसलिए वह अगले तीन माह तक या स्थायी निदेशक की नियुक्ति होने तक एम्स के निदेशक बने रहेंगे।

वहीं दूसरी तरफ एम्स में स्थायी निदेशक की नियुक्ति के लिए कैबिनेट की नियुक्ति समिति (एसीसी) को तीन नए डाक्टरों के नाम की सूची भेजी गई है। बताया जा रहा है कि इस सूची में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर) के महानिदेशक डा. बलराम भार्गव, एम्स के न्यूरोलाजी विभाग की प्रमुख डा. एमवी पद्मा और जिप्मेर (जवाहरलाल नेहरू पोस्टग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च) डा. राकेश अग्रवाल का नाम शामिल है।

उल्लेखनीय है कि मार्च 2017 में डा. रणदीप गुलेरिया को पांच साल के लिए एम्स का निदेशक बनाया गया था। इस साल 23 मार्च को उनका पांच साल का कार्यकाल पूरा हो गया था। हालांकि, एम्स से उनकी सेवानिवृति में अभी करीब दो साल का समय बाकी है।

एम्स के नए निदेशक की नियुक्ति के लिए पिछले साल नवंबर में प्रक्रिया शुरू हुई थी। केंद्र सरकार द्वारा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव के नेतृत्व में गठित चार सदस्यीय कमेटी ने मार्च में एम्स के निदेशक पद के लिए तीन डाक्टरों के नाम की सूची एसीसी को भेजी थी। जिसमें एम्स ट्रामा सेंटर के प्रमुख डा. राजेश मल्होत्रा, इंडोक्रिनोलाजी के विभागाध्यक्ष डा. निखिल टंडन व गैस्ट्रोलाजी विभाग के प्रोफेसर डा. प्रमोद गर्ग का नाम शामिल था।

स्थायी निदेशक की नियुक्ति में देरी के मद्देनजर मार्च में आदेश जारी कर डा. गुलेरिया को तीन माह के लिए सेवा विस्तार दिया गया था। जिसकी अवधि 23 जून को खत्म हो गई। इस वजह से उन्हें दोबारा तीन महीने के लिए सेवा विस्तार दिया गया है।

इसके अलावा पिछले दिनों एसीसी ने एम्स के स्थायी निदेशक की नियुक्ति के लिए कमेटी से कुछ और डाक्टरों के नाम की सूची मांगी थी। इसलिए तीन नए नाम भेज दिए गए हैं। डा. बलराम भार्गव को निदेशक पद का प्रबल दावेदार माना जा रहा था लेकिन पहले उनका नाम एसीसी को नहीं भेजे जाने से वह एम्स के निदेशक पद पर नियुक्ति की दौड़ में पिछड़ गए थे लेकिन अब उनकी दोबारा वापसी हो गई है।

Edited By: Pradeep Chauhan