नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। देश की राजधानी दिल्ली में 2 महीने बाद लॉकडाउन के बाद जब कार शोरूम खुले तो उसमें ग्राहकों की भीड़ बढ़ गई। इससे कारों की मांग बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि यह मांग उम्मीद से भी अधिक है, इसलिए कारों के लिए इंतजार दो से तीन माह का चल रहा है। मांग के आगे शोरूम में गाड़ियां कम पड़ रही है। यहां तक कि कंपनियां भी आपूर्ति नहीं कर पा रही हैं। विशेष बात यह है कि इसमें मध्यम कीमत वाली तथा सीएनजी आधारित कारों की मांग ज्यादा है।

बताया जा रहा है कि दिल्ली में यह स्थिति तब है जब लॉकडाउन अवधि में हर कार 10 से 20 हजार रुपये महंगी हो चुकी हैं। बाजार के जानकारों के मुताबिक यह मांग इसलिए भी है, क्योंकि लोग कोरोना संक्रमण को देखते हुए सार्वजनिक वाहनों की जगह निजी वाहनों से चलने को तरजीह दे रहे हैं।

यहां पर बता दें कि पिछले वर्ष भी लॉकडाउन के बाद कार/गाड़ियों के शोरूम में कमोबेश यही स्थिति थी। इसके बाद तेजी से ऑटो सेक्टर ने सबसे तेज रफ्तार पकड़ी थी। हालांकि, इस वर्ष सीएनजी वाहनों की मांग ज्यादा है, क्योंकि पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ते जा रहे हैं।

पूर्वी दिल्ली में प्रीत विहार स्थित मैजिक ऑटो शोरूम के बिक्री प्रबंधक गगन के मुताबिक मांग अच्छी है। इसका कारण यह भी हो सकता है कि लॉकडाउन के कारण कई लोग योजना बनाने के बाद भी गाड़ी खरीद नहीं पाए थे। लॉकडाउन खुलने के 20 दिन के भीतर वे 150 से अधिक गाड़ियां बेच सकें, जबकि 100 गाडि़यों की बुकिंग इस माह के अंत तक के लिए है।

उधर, कार मार्केट के जानकारों के मुताबिक, 8 से 12 लाख रुपये के बीच के वाहनों की मांग ज्यादा है। ऐसे में ऑटो सेक्टर को भी इनकी पूर्ति पर ध्यान देना होगा। वहीं, ऐसा होते ही हालात में तेजी से सुधार हो सकता है।

Edited By: Jp Yadav