दिल्ली चिड़ियाघर में जानवरों के लिए विशेष समर प्लान, गर्मी से राहत के पुख्ता इंतजाम
दिल्ली चिड़ियाघर ने भीषण गर्मी और लू से जानवरों को बचाने के लिए विशेष समर प्लान लागू किया है। इसमें ...और पढ़ें

दिल्ली चिड़ियाघर में लू से जानवरों को बचाने के लिए विशेष समर प्लान लागू किया है।
HighLights
बाघ, शेर के लिए दो शिफ्ट में बाड़ों का उपयोग।
सभी बाड़ों में स्प्रिंकलर, वाटर कूलर, जलकुंड की व्यवस्था।
प्राइमेट्स को आइस बॉल, भालुओं को बर्फ के ब्लॉक।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। राजधानी में बढ़ती गर्मी और लू के बीच चिड़ियाघर ने जानवरों को राहत देने के लिए विशेष समर प्लान लागू किया है। इसके तहत बाघ, शेर और भालू जैसे जानवरों के लिए दो शिफ्ट व्यवस्था शुरू की गई है, जबकि विभिन्न बाड़ों में स्प्रिंकलर, वाटर कूलर, जलकुंड और छायादार आश्रयों की संख्या बढ़ाई गई है।
चिड़ियाघर निदेशक डॉ. संजीत कुमार ने बताया कि बाघ, शेर और भालुओं को सुबह सात बजे से दोपहर एक बजे तक व दोपहर एक बजे के बाद अलग-अलग शिफ्ट में बाड़ों का उपयोग कराया जा रहा है। इससे जानवरों को लंबे समय तक तेज धूप में रहने से बचाने के साथ-साथ ठंडे स्थानों और जलकुंडों तक पर्याप्त पहुंच सुनिश्चित की जा रही है।
सभी प्रमुख बाड़ों में स्प्रिंकलर और वाटर कूलर चालू
उन्होंने बताया कि सभी प्रमुख बाड़ों में स्प्रिंकलर और वाटर कूलर चालू हैं। बाघ, शेर और तेंदुओं के बाड़ों में पानी के छिड़काव की व्यवस्था की गई है, जबकि जलकुंडों पर शेड लगाए गए हैं ताकि पानी अधिक गर्म न हो। कई बाड़ों में हरी मैट बिछाई गई हैं और बांस, फूस व घास से बने आश्रय तैयार किए गए हैं।
हाथियों, नीलगाय और हिरणों जैसे शाकाहारी जानवरों के बाड़ों में भी स्प्रिंकलर लगाए गए हैं। हाथियों और गैंडों को दिन में कई बार पानी से नहलाया जा रहा है। सांभर और बारहसिंगा के जलकुंडों की नियमित सफाई और उनमें ताजा पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
सरीसृपों और पक्षियों के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए
सरीसृपों और पक्षियों के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। मगरमच्छ और कछुओं के बाड़ों पर छाया की व्यवस्था की गई है, जबकि सांपों के बाड़ों में तापमान नियंत्रित रखने के लिए गीले टाट और थर्मामीटर का उपयोग किया जा रहा है। पक्षी बाड़ों में दिनभर पानी का छिड़काव किया जा रहा है।
जानवरों को अतिरिक्त राहत देने के लिए प्राइमेट्स को रोजाना फलों से बने आइस बाल दिए जा रहे हैं, जबकि भालुओं को बड़े बर्फ के ब्लाक और फ्रूट आइस क्यूब्स उपलब्ध कराए जा रहे हैं। चिड़ियाघर प्रशासन का कहना है कि भीषण गर्मी के दौरान पशु चिकित्सकों और देखभाल कर्मियों की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं।
