विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

दिल्ली में बिना हेलमेट और ट्रिपल राइडिंग करने वाले सावधान! ट्रैफिक पुलिस ने काटे रिकॉर्ड 3500 से ज्यादा चालान

Published: Wed, 09 Sep 2026 04:56 PM (IST)

उत्तरी रेंज ट्रैफिक पुलिस ने दिल्ली में सड़क सुरक्षा अभियान चलाकर 3,581 चालान काटे, जिनमें सबसे अधिक बिना हेलमेट और ट्रिपल राइडिंग के थे।

सांकेतिक तस्वीर एआई जनरेटेड

सांकेतिक तस्वीर एआई जनरेटेड

HighLights

  1. उत्तरी रेंज ट्रैफिक पुलिस ने काटे 3,581 चालान।

  2. बिना हेलमेट पर 915, ट्रिपल राइडिंग पर 174 चालान।

  3. दिल्ली बॉर्डर से 2,160 अनावश्यक वाहन लौटाए गए।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए उत्तरी रेंज ट्रैफिक पुलिस ने विशेष अभियान चलाया। इस दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई। पुलिस ने कुल 3,581 चालान काटे।

उत्तरी रेंज के यातायात उपायुक्त डॉ. सचिन कुमार सिंघल ने बताया कि अभियान में सबसे ज्यादा कार्रवाई बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों पर हुई।

पुलिस ने ऐसे 915 चालान किए। इसके अलावा दोपहिया वाहन पर तीन लोगों के बैठने यानी ट्रिपल राइडिंग के 174 चालान काटे गए। तय सीमा से अधिक ऊंचा सामान लादकर चलने वाले वाहनों पर भी कार्रवाई की गई और 38 चालान किए गए।

ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, अभियान का मकसद उन नियमों के उल्लंघन पर रोक लगाना है, जिनसे सड़क हादसों का खतरा बढ़ता है।

पुलिस ने खास तौर पर बिना हेलमेट और ट्रिपल राइडिंग करने वालों को निशाना बनाया। अधिकारियों का कहना है कि यातायात नियमों का पालन करने से वाहन चालक के साथ सड़क पर चल रहे दूसरे लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होती है।

दिल्ली गंतव्य नहीं तो बार्डर से लौटाए 2160 वाहन

दिल्ली में अनावश्यक वाहनों की संख्या कम करने के लिए उत्तरी रेंज ट्रैफिक पुलिस ने बार्डर पर भी चेकिंग अभियान चलाया। पिछले एक सप्ताह में पुलिस ने 2,160 ऐसे वाहनों को दिल्ली में प्रवेश करने से रोककर वापस भेजा, जिनका गंतव्य दिल्ली नहीं था।

पुलिसकर्मियों ने बार्डर पर वाहनों की जांच की और चालकों से उनके गंतव्य के बारे में जानकारी ली। जिन चालकों ने बताया कि उन्हें दिल्ली से होकर किसी दूसरे शहर या राज्य में जाना है, उन्हें दिल्ली के अंदर आने के बजाय वैकल्पिक रास्ते से जाने की सलाह दी गई।

पुलिस का कहना है कि इससे दिल्ली की मुख्य सड़कों और बार्डर इलाकों में यातायात का दबाव कम करने में मदद मिलेगी।