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सोनिया गांधी, अखिलेश यादव और ममता बनर्जी को व्यापारियों ने लिखा पत्र, राहुल गांधी की महारैली टालने का अनुरोध

Published: Fri, 30 Oct 2026 10:38 AM (IST)

CTI और FESTA ने सोनिया गांधी, अखिलेश यादव और ममता बनर्जी को पत्र लिखकर 1 नवंबर को रामलीला मैदान में ...और पढ़ें

वरिष्ठ कांग्रेस नेता सोनिया गांधी को पत्र लिखकर 1 नवंबर को रामलीला मैदान में प्रस्तावित पार्टी की विशाल रैली को स्थगित करने का अनुरोध किया है। फाइल फोटो

वरिष्ठ कांग्रेस नेता सोनिया गांधी को पत्र लिखकर 1 नवंबर को रामलीला मैदान में प्रस्तावित पार्टी की विशाल रैली को स्थगित करने का अनुरोध किया है। फाइल फोटो

HighLights

  1. व्यापारियों ने सोनिया गांधी को रैली टालने का अनुरोध किया।

  2. 1 नवंबर की रैली से दिवाली व्यापार प्रभावित होने की आशंका।

  3. 12,000 करोड़ के व्यापार नुकसान की चेतावनी दी।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) ने शुक्रवार को वरिष्ठ कांग्रेस नेता सोनिया गांधी को पत्र लिखकर 1 नवंबर को रामलीला मैदान में प्रस्तावित पार्टी की विशाल रैली को स्थगित करने का अनुरोध किया है। व्यापारी संगठन ने चेतावनी दी है कि इस रैली के कारण राष्ट्रीय राजधानी के 20 प्रमुख बाजारों में 10 हजार करोड़ से 12 हजार करोड़ का व्यापार प्रभावित हो सकता है।

अखिलेश यादव और ममता बनर्जी को भी लिखा पत्र

उधर, फेडरेशन ऑफ सदर बाजार ट्रेडर्स एसोसिएशन खारी बावली की किराना कमेटी दिल्ली ने आइएनडीआइए गठबंधन के वरिष्ठ नेताओं अखिलेश यादव व ममता बनर्जी को भी पत्र लिखकर रामलीला मैदान में प्रस्तावित रैली को दीपावली के बाद तक टालने की मांग की है। (फेस्टा) 

12,000 करोड़ के व्यापार पर असर की आशंका

सीटीआई के अनुसार, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा प्रस्तावित यह रैली ऐसे समय में हो रही है जब बाजार दिवाली की खरीदारी के चरम पर हैं। संगठन का कहना है कि धनतेरस (6 नवंबर) और दिवाली (8 नवंबर) के बेहद करीब होने के कारण 1 नवंबर का दिन त्योहारों के सामान के परिवहन और ग्राहकों की आवाजाही के लिए सबसे व्यस्त दिनों में से एक रहेगा।

व्यक्तिगत हस्तक्षेप का आग्रह किया

वहीं, फेस्टा ने पत्र में आग्रहपूर्वक कहा है कि हम दिल्ली के लाखों व्यापारियों, दुकानदारों व लघु व्यवसायियों की ओर से आपसे व्यक्तिगत हस्तक्षेप का आग्रह करते हैं। आप गठबंधन के अनुभवी नेता हैं। कृपया, राहुल गांधी को समझाएं कि राजनीतिक कार्यक्रम व्यापारियों के सबसे बड़े कारोबारी मौसम की कीमत पर नहीं होना चाहिए।