इस दीवाली जगमगाएगी दिल्ली, अगले महीने से लगेंगी सड़कों पर 1 लाख स्मार्ट लाइटें; 473 करोड़ होंगे खर्च
दिल्ली सरकार सड़कों पर अपराध कम करने और सुरक्षा बढ़ाने के लिए लगभग एक लाख पुरानी स्ट्रीट लाइटों को स्मार्ट ...और पढ़ें

दिल्ली की सड़कों पर अगले महीने से लगेंगी 1 लाख स्मार्ट लाइटें। (एआई जेनरेटेड इमेज)
HighLights
दिल्ली में एक लाख पुरानी स्ट्रीट लाइटें स्मार्ट लाइटों से बदलेंगी।
473 करोड़ रुपये की परियोजना से सड़कों पर सुरक्षा बढ़ेगी।
तकनीक आधारित निगरानी से रखरखाव और ऊर्जा दक्षता में सुधार होगा।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। राजधानी की कई सड़कों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था नहीं है। स्ट्रीट लाइट खराब होने पर उसे ठीक करने में भी समय लगता है, जिससे सड़कों पर अपराध की घटनाएं होती हैं। इसके समाधान के लिए दिल्ली सरकार ने 473 करोड़ रुपये खर्च कर लगभग एक लाख पुरानी स्ट्रीट लाइटों को स्मार्ट लाइट से बदलने का निर्णय लिया है। जून में वित्त व्यय समिति से इस परियोजना को स्वीकृति भी मिल चुकी है। अगले माह से इसका काम शुरू होगा।
लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) 11 अक्टूबर से इसका काम शुरू करेगा। दीपावली तक 20 हजार और जनवरी, 2027 तक कुल एक लाख पुरानी स्ट्रीट लाइटों को स्मार्ट लाइटों से बदलने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि स्मार्ट स्ट्रीट लाइट परियोजना के तहत पूरी व्यवस्था को तकनीक आधारित बनाया जा रहा है, जिससे लाइटों की निगरानी और रखरखाव में तेजी आएगी।
स्ट्रीट लाइट की वास्तविक समय में निगरानी की जा सकेगी
इसकी सबसे बड़ी विशेषता केंद्रीकृत कमांड और नियंत्रण केंद्र का होना होगा। पांच अक्टूबर तक पीडब्ल्यूडी मुख्यालय में इसे स्थापित कर दिया जाएगा। इसके माध्यम से हर स्ट्रीट लाइट की वास्तविक समय में निगरानी की जा सकेगी। किसी लाइट में खराबी आने पर उसकी तुरंत पहचान होगी और जरूरत पड़ने पर उसे दूर से नियंत्रित भी किया जा सकेगा। बेहतर स्ट्रीट लाइट व्यवस्था का सीधा संबंध सड़क सुरक्षा और महिला सुरक्षा से है।
हर वर्ष लगभग 30 करोड़ रुपये की बचत होने का अनुमान
अधिकारियों के अनुसार, पुरानी सोडियम लाइटों की जगह ऊर्जा-दक्ष स्मार्ट एलईडी लाइटें लगाने से दिल्ली सरकार को बिजली और रखरखाव के खर्च में हर वर्ष लगभग 30 करोड़ रुपये की बचत होने का अनुमान है। इस पूरी परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 473 करोड़ रुपये है, जिसमें पांच वर्ष का संचालन एवं रखरखाव भी शामिल है। स्मार्ट लाइट लगाने वाली निजी कंपनी को मासिक भुगतान तभी किया जाएगा जब लगाई गई लाइटें पूरी तरह चालू और कार्यशील होंगी।
