नई दिल्ली [वीके शुक्ला]। कोरोना के चलते गत एक साल से भी ज्यादा समय से बंद राजधानी के स्कूलों को फिर से खोलने के लिए दिल्ली सरकार ने कवायद तेज कर दी है। सरकार की इस कवायद को परवान चढ़ाने के लिए उपराज्यपाल अनिल बैजल ने शुक्रवार को आयोजित दिल्ली डिजास्टर मैंनेजमेंट अथारिटी (डीडीएमए) की बैठक में शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं विशेषज्ञों की एक समन्वित कमेटी गठित करने का फैसला किया। यह कमेटी स्कूलों से संबंधित मामलों पर काम करेगी। जिसमें स्कूल खोलने के एसओपी (स्टेंडर्ड आपरे¨टग प्रोसीजर) एसओपी का पालन करने और इसे लागू करने के लिए स्कूलों की तैयारी तथा स्कूलों के शिक्षकों और कर्मचारियों के टीकाकरण की स्थिति देखेगी। वहीं कमेटी छात्रों के माता-पिता की चिंताओं को दूर करने और इस निर्णय में सभी स्टेक होल्डर्स की भागीदारी को शामिल करते हुए एक विस्तृत योजना तैयार करेगी। इसके बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा।

बैठक में मौजूद विशेषज्ञों ने कोरोना को लेकर निरंतर सतर्कता और सावधानी बरतने पर जोर देते हुए सरकार को सुझाव दिया कि राजधानी के अस्पतालों का इन्फ्रास्ट्रक्चर, आक्सीजन और दवाओं की उपलब्धता संक्रमण की किसी भी संभावित लहर को देखते हुए अगस्त के अंत तक हर हाल में दुरुस्त कर लिया जाना चाहिए। इस दौरान टेस्ट, ट्रीट और ट्रैक की रणनीति को जारी रखने और कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर की निगरानी और इसके सख्त इम्पलीमेंटेशन पर भी जोर दिया गया।

इस बैठक में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन, परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत,मुख्य सचिव विजयदेव मौजूद थे। जबकि चिकित्सा क्षेत्र से डा. रणदीप गुलेरिया (निदेशक एम्स), डा विनोद कुमार पाल (सदस्य, नीति आयोग), डा सुजीत सिंह (निदेशक, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र), डा बलराम भार्गव (महानिदेशक, आईसीएमआर) ) और श्री कृष्ण वत्स (सदस्य, डीडीएमए) भी उपस्थित थे।

90 फीसद अभिभावक फिर से खोलना चाहते हैं स्कूल : सिसोदिया

डीडीएमए बैठक में मौजूद उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि एक साल से अधिक समय से स्कूल बंद होने के कारण छात्रों का बड़ा नुकसान हो रहा है इसीलिए अब स्कूलों को फिर से खोलने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार की पैरेंटस टीचर मीटिंग (पीटीएम) में हिस्सा लेने वाले आठ लाख अभिभावकों में से 90 फीसद चाहते हैं कि फिर से स्कूल खोले जाएं। उन्होंने कहा कि स्कूल फिर से खोलने के मामले में अभिभावकों और शिक्षकों से सुझाव मांगे गये थे। 33,000 लोगों ने ईमेल आईडी के माध्यम से उनके आफिस में अपने सुझाव भेजे। इन सुझावों में पाया गया कि 58 फीसद लोग शैक्षणिक संस्थानों को फिर से खोलना चाहते हैं। 68 फीसद लोग चाहते हैं कि स्कूल फिर से खुल जाएं वहीं 83 फीसद लोग चाहते हैं कि कालेज फिर से खोले जाएं।

Edited By: Prateek Kumar