गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राम अवतार (24), सिकंदर (25) और वीरू सोनकर (20) के रूप में हुई है। तीनों गोंडा के रहने वाले हैं और दिल्ली में डिलीवरी एग्जीक्यूटिव के रूप में काम कर रहे थे। उन्हें शुक्रवार को पकड़ा गया।
उप पुलिस आयुक्त (सेंट्रल) निधिन वालसन के अनुसार, 22 अक्टूबर को एक ऑनलाइन ग्रॉसरी कंपनी का कलेक्शन राइडर, जिसने विभिन्न आउटलेट्स से 5 लाख रुपये जुटाए थे, शादिपुर में बाइक सवार तीन लोगों ने रोक लिया। आरोपियों ने उसका रास्ता अवरुद्ध किया, कैश बैग छीना और फरार हो गए।
पीड़ित की शिकायत के आधार पर जांच शुरू की गई। पुलिस ने कई स्थानों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और घटना में इस्तेमाल मोटरसाइकिल की पहचान की, जो चोरी की निकली। फुटेज के आधार पर आरोपियों की स्पष्ट तस्वीरें भी मिलीं, जिसके बाद पुलिस ने स्थानीय मुखबिरों से जानकारी जुटाई और संकेत मिले कि तीनों फरीदपुरी इलाके में रहते थे।
मोबाइल नंबरों और कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स की तकनीकी जांच से पता चला कि तीनों आरोपी लूट के बाद उत्तर प्रदेश चले गए थे। वहीं से उन्हें गिरफ्तार किया गया। इनमे से राम अवतार के पास से 1,37,500 रुपये, वीरू के पास से एक मोटरसाइकिल और एक मोबाइल फोन, जो लूट की रकम से खरीदा गया था, सिकंदर से 1,53,000 रुपये उसके बैंक खाते में मिले, जिसे अब फ्रीज कर दिया गया है।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे पहले ऑनलाइन डिलीवरी कंपनियों में काम कर चुके हैं और उन्हीं डिलीवरी प्लेटफॉर्म पर उनकी आईडी भी बनी थीं। उन्होंने अपने एक फरार साथी मनोज का नाम भी बताया, जो कंपनी के पटेल नगर स्थित आउटलेट में काम करता था।
मनोज ने ही कथित तौर पर कलेक्शन एजेंट की गतिविधियों, स्कूटर और कैश मूवमेंट की जानकारी उन्हें दी थी। पुलिस ने यह भी बताया कि तीनों ने रंजीत नगर में दो अन्य स्नैचिंग मामलों में भी शामिल होने की बात कबूल की है। फरार आरोपी मनोज की तलाश जारी है।
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