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दिल्ली में बिछेगा फ्लाईओवर का जाल, तीन परियोजनाओं पर जल्द काम आगे बढ़ाने के सरकार ने दिए निर्देश

Published: Wed, 21 Jan 2026 12:12 AM (IST)

दिल्ली सरकार ने तीन महत्वपूर्ण सड़क परिवहन परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने का निर्देश दिया है। इनमें जनकपुरी पंखा ...और पढ़ें

सड़क परिवहन से संबंधित तीन परियोजनाओं पर जल्द काम आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

सड़क परिवहन से संबंधित तीन परियोजनाओं पर जल्द काम आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

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राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने सड़क परिवहन से संबंधित तीन परियोजनाओं पर जल्द काम आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। लोक निर्माण मंत्री प्रवेश वर्मा ने जनकपुरी पंखा रोड पर फ्लाईओवर बनाने के लिए व्यवहार्यता अध्ययन का काम शीघ्र पूरा कर आगे की कार्रवाई शुरू की जाए तथा पंखा रोड फ्लाईओवर के व्यवहार का अध्ययन का काम जल्दी पूरा कर आगे की कार्रवाई शुरू की जाए। वहीं सीलमपुर और जखीरा फ्लाईओवर की मरम्मत का कार्य भी जल्द शुरू किया जाए।

उन्हाेंने कहा कि पश्चिमी दिल्ली के सबसे व्यस्त कॉरिडोरों में से एक जनकपुरी पंखा रोड पर लंबे समय से चली आ रही ट्रैफिक समस्या दूर होगी। उन्होंने कहा कि जनकपुरी के डीईएसयू कॉलोनी से डी-ब्लॉक तक प्रस्तावित फ्लाईओवर के लिए सलाहकार नियुक्त कर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) और व्यवहार्यता अध्ययन को मंजूरी दी गई है। वहीं जखीरा फ्लाईओवर और सीलमपुर फ्लाईओवर की व्यापक मरम्मत की भी मंजूरी दी गई है।

जखीरा फ्लाईओवर: जलभराव की समस्या वाले जंक्शन पर संरचनात्मक मरम्मत

जखीरा फ्लाईओवर के मरम्मत व पुनर्वास के लिए 20.18 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। जखीरा फ्लाईओवर दिल्ली के सबसे महत्वपूर्ण ट्रैफिक जंक्शनों में से एक है और मानसून के दौरान यह इलाका लंबे समय से जलभराव की गंभीर समस्या से जूझता रहा है। इस फ्लाईओवर पर भारी यातायात का दबाव रहता है। स्वीकृत कार्यों में शामिल हैं।

सीलमपुर फ्लाईओवर: एक और कॉरिडोर की मजबूती

पूर्वी दिल्ली के प्रमुख यातायात मार्ग सीलमपुर फ्लाईओवर के लिए भी 17.85 करोड़ रुपये की व्यापक मरम्मत और पुनर्वास योजना को मंजूरी दी गई है। यह फ्लाईओवर भी अत्यधिक ट्रैफिक भार वहन करता है और इसकी संरचनात्मक मजबूती बेहद महत्वपूर्ण है। कार्य क्षेत्र में एक्सपेंशन ज्वाइंट इलास्टोमेरिक और बेयरिंग्स का प्रतिस्थापन, प्री-स्ट्रेसिंग स्ट्रैंड्स का सुदृढ़ीकरण, तथा सीएफआरपी लैमिनेट और कार्बन फाइबर रैपिंग के माध्यम से फ्लाईओवर की लोड-बेयरिंग क्षमता को बहाल करना शामिल है।

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