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'मेरे परिवार के 10 सदस्य मारे गए, फिर भी सज्जन कुमार बरी हो गया', कोर्ट का फैसला सुन रो पड़ीं बागी कौर

Published: Thu, 22 Jan 2026 11:42 AM (IST)Updated: Thu, 22 Jan 2026 01:31 PM (IST)

दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े जनकपुरी विकासपुरी हिंसा मामले में पूर्व कांग्रेस ...और पढ़ें

HighLights

  1. सज्जन कुमार 1984 सिख विरोधी दंगों में बरी

  2. पीड़ित बागी कौर ने कहा, 10 सदस्य मारे गए

  3. इंसाफ नहीं मिला, हाईकोर्ट-सुप्रीम कोर्ट जाएंगे

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े जनकपुरी विकासपुरी हिंसा मामले में आज गुरुवार को पूर्व कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को बरी कर दिया है। यह फैसला दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने सुनाया है। हालांकि, इस फैसले से पीड़ित परिवार को तगड़ा झटका है।

वहीं, कोर्ट का फैसला सुनते ही पीड़ित परिवार की सदस्य बागी कौर रो पड़ीं। उन्होंने रोते हुए कहा, हमें आज तक इंसाफ नहीं मिला। हमें इंसाफ कब मिलेगा? इस हिंसा में 10 लोगों की मौत हुई थी।

दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े जनकपुरी विकासपुरी हिंसा मामले में पूर्व कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को बरी कर दिया है। इस फैसले से पीड़ित परिवार की सदस्य बागी कौर भावुक हो गईं और रोते हुए कहा कि उन्हें आज तक इंसाफ नहीं मिला। उन्होंने बताया कि उनके परिवार के 10 सदस्य मारे गए थे। वे हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट में अपील करेंगी।

बागी कौर ने कोर्ट के बाहर रोते हुए कहा कि हमारे परिवार के 10 लोग मारे गए और आरोपी सज्जन कुमार को बरी कर दिया गया। बागी कौर ने कहा, ‘अगर सज्जन कुमार दोषी नहीं था तो इसे जेल में क्यों बंद करा गया था?’

उन्होंने कहा, हमें आज तक इंसाफ नहीं मिला है। कहा 'हमारे सामने सज्जन कुमार ने सिखों की हत्या कराई, फिर भी उसे बरी कर दिया गया।'

यह भी पढ़ें- 1984 के सिख विरोधी दंगा मामले में सज्जन कुमार बरी, कोर्ट का फैसला सुन रो पड़े पीड़ित परिवार के सदस्य

सिख विरोधी दंगों के पीड़ित परिवार की सदस्य बागी कौर का कहना है कि मैंने अपने परिवार के 10 सदस्यों को खो दिया है। सज्जन कुमार को फांसी क्यों नहीं दी गई? हम हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट जाएंगे।