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पहले बंटवारे ने बनाया शरणार्थी, अब SIR में फिर पहचान का संकट; दिल्ली में 300 से ज्यादा नाम गायब

Published: Sun, 13 Sep 2026 10:48 PM (IST)

विक्रम नगर, दिल्ली में पाकिस्तान से आए हिंदू शरणार्थी एसआइआर की ड्राफ्ट मतदाता सूची में नाम न होने से पहचान ...और पढ़ें

विक्रम नगर में एसआइआर के तहत नोटिस मिलने और नाम गायब होने के बाद पूछताछ के लिए मतदाता केंद्र पहुंचे लोग। जागरण

विक्रम नगर में एसआइआर के तहत नोटिस मिलने और नाम गायब होने के बाद पूछताछ के लिए मतदाता केंद्र पहुंचे लोग। जागरण

HighLights

  1. विक्रम नगर के 300 से अधिक नाम मतदाता सूची से गायब।

  2. शरणार्थियों को पहचान साबित करने के लिए दस्तावेज दिखाने पड़ रहे।

  3. आरडब्ल्यूए ने कालोनी में ही एसआइआर कैंप लगाने की मांग की।

शशि ठाकुर, नई दिल्ली। बंटवारे का दर्द झेलकर पाकिस्तान से दिल्ली आए हिंदू शरणार्थियों ने यहां नई जिंदगी बसाई थी। लेकिन अब दशकों बाद विक्रम नगर की इसी शरणार्थी कालोनी में एसआइआर ने उनकी चिंता फिर बढ़ा दी है।

कालोनी के 300 से अधिक लोगों के नाम एसआइआर की ड्राफ्ट मतदाता सूची में नहीं मिल रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है, जिन्हें रिकार्ड में या तो दूसरी जगह शिफ्ट दिखाया गया है या फिर मृत घोषित कर दिया गया है।

वहीं, कई मतदाताओं के नाम में पिता के नाम या टाइटल की स्पेलिंग में अंतर होने पर भी नोटिस जारी किए गए हैं। अब इन लोगों को दस्तावेज लेकर लाजपत नगर स्थित सरकारी स्कूल में लगाए गए एसआइआर कैंप में सुनवाई के लिए पहुंचना होगा। 

सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं को

सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं को हो रही है। उनका कहना है कि उन्होंने पूरी जिंदगी यहीं बिताई है और उनकी पहचान पहले भी सवालों के घेरे में रही है। ऐसे में बार-बार अपनी नागरिकता और पहचान साबित करने के लिए दस्तावेज दिखाने पड़ रहे हैं।

आरडब्ल्यूए के प्रधान भारत भूषण मल्होत्रा ने कहा कि कालोनी में ही अलग एसआइआर कैंप लगाया जाना चाहिए, ताकि बुजुर्गों और महिलाओं को दस्तावेज लेकर दूर न जाना पड़े। उन्होंने कहा कि यहां रहने वाले अधिकांश परिवार वर्षों से इसी पते पर रह रहे हैं और उनके नाम लंबे समय से मतदाता सूची में दर्ज रहे हैं।

कालोनी निवासी सुशांत ने बताया कि उनके परिवार के सभी सदस्यों के नाम मतदाता सूची में ठीक आए हैं, लेकिन उनके छोटे भाई के नाम में पिता के नाम की स्पेलिंग गलत हो गई है।

भाई सिविल इंजीनियर हैं और नौकरी के कारण उनके पास समय निकालना मुश्किल है। उन्हें भी नोटिस मिला है। उनका क्षेत्र जंगपुरा विधानसभा में आता है, इसलिए नोटिस में 17 सितंबर का स्लाट दिया गया है।

छोटी सी गलती भी पड़ रही भारी

उन्हें उस दिन जरूरी दस्तावेज लेकर लाजपत नगर के सरकारी स्कूल में सुनवाई के लिए जाना होगा। सुशांत कहते हैं कि एक छोटी सी स्पेलिंग की गलती के लिए भी अब परिवार को अपनी पहचान साबित करने के लिए दस्तावेजों के साथ पहुंचना पड़ रहा है।

चुनाव आयोग का कहना है कि फॉर्म 8 से नाम में करेक्शन कराए जा सकते हैं, लेकिन नोटिस जारी हुआ है तो दिए गए स्लॉट पर पहुंचकर अपना पक्ष रखें और जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करें।

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