झगड़े के बाद छत से कूदी ननद और दो महीने की गर्भवती भाभी, पुलिस की सूझबूझ से बची जान
दिल्ली पुलिस और फायर सर्विस ने त्वरित कार्रवाई कर झगड़े के बाद संकट में फंसी दो महिलाओं की जान बचाई। ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर एआई जेनरेटेड
HighLights
दक्षिणी पूर्वी दिल्ली पुलिस ने दो महिलाओं की जान बचाई।
झगड़े के बाद एक बालकनी से कूदी, दूसरी शाफ्ट में।
पुलिस और फायर सर्विस की त्वरित कार्रवाई से बचाव।
जागरण संवाददाता, दक्षिणी दिल्ली: दक्षिणी पूर्वी जिला पुलिस ने पीसीआर और दिल्ली फायर सर्विस के साथ मिलकर त्वरित कार्रवाई करते हुए दो महिलाओं की जिंदगी बचाई है।
दो अक्टूबर को कालिंदी कुंज थाने में पीसीआर कॉल मिली कि एक महिला ने खुद के कमरे में बंद कर लिया है। सूचना मिलते ही टीम मौके पर रवाना हुई और फायर व मेडिकल टीम से भी समन्वय कर घटनास्थल पर बुलाया।
पुलिस की तत्परता से बची जान
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस पांच मिनट के भीतर खड्डा कॉलोनी, जैतपुर एक्सटेंशन पार्ट-दो के डी ब्लाक में पहुंची। तब तक एक महिला बालकनी से सड़क की ओर कूद चुकी थी। फायर टीम ने जब दरवाजा खोला तो पाया कि जो महिला अंदर भी उसने शाफ्ट में छलांग लगा चुकी थी। महिला दो महीने के गर्भ से थी, जिसे एम्स ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया।
फायर सर्विस की टीम ने की मदद
दक्षिणी पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त विनीत कुमार के मुताबिक एसओ राकेश सिंह की अगुवाई में दिल्ली फायर सर्विस की टीम घटनास्थल पर पहुंचे। साफ्ट में कूदी 24 वर्षीय महिला मुश्किल जगह में फंसी थी। टीम ने उसकी जान को खतरा देखते हुए बचाव अभियान शुरू किया।
भाभी-ननद के बीच क्यों हुआ झगड़ा?
फायर ब्रिगेड की टीम की मदद से उसे सुरक्षित बाहर निकाला गया। शुरुआती जांच के अनुसार भाभी ने ननद की वीडियो बनाकर किसी को भेजी थी, जिसे लेकर दोनों में झगड़ा हुआ। बहस के दौरान ननद बालकनी से सड़क की तरफ कूदी और घायल हो गई।
इसके बाद भाभी ने खुद को कमरे में बंद कर लिया और फिर घर के शाफ्ट में कूद गई। पुलिस टीम ने फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों के साथ मिलकर तुरंत कार्रवाई की और फ़ातिमा को शाफ़्ट से सफलतापूर्वक बाहर निकाला। पुलिस टीम की त्वरित कार्रवाई और पीसीआर व दिल्ली फायर सर्विस के कर्मचारियों के साथ बेहतर तालमेल की वजह से दोनों महिलाओं को सुरक्षित बचाया जा सका।
