SIR विवाद के बीच जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का पुराना वीडियो हो रहा वायरल, दिल्ली पुलिस ने किया फैक्ट चेक
सोशल मीडिया पर CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन का एक वीडियो वायरल हो रहा है। दिल्ली ...और पढ़ें
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जंतर-मंतर प्रदर्शन का वीडियो। AI जनरेटेड
HighLights
जंतर-मंतर पर CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का वीडियो वायरल।
दिल्ली पुलिस ने वीडियो को भ्रामक और पुराना बताया, तथ्य-जांच की।
गलत जानकारी फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर जंतर-मंतर पर एक बड़े और लाइव विरोध-प्रदर्शन का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। यह वीडियो मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन को लेकर बताया है। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इस वीडियो का सच उजागर करते हुए इसे पूरी तरह से भ्रामक और पुराना बताया है।
दिल्ली पुलिस ने दी चेतावनी
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा यह वीडियो असल में जंतर-मंतर का पुराना वीडियो है, जिसे हालिया घटना के रूप में पेश किया जा रहा है। साथ ही दिल्ली पुलिस ने चेतावनी दी है कि जानबूझकर गुमराह करने वाली और झूठी सामग्री फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
संजय राउत ने शेयर किया वीडियो
बता दें कि यह विवाद तब शुरू हुआ, जब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (X) (पूर्व में ट्विटर) पर कई प्रमुख अकाउंट्स द्वारा इस वीडियो को साझा किया गया। वीडियो शेयर करने वालों में शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत भी शामिल थे, जिन्होंने दावा किया था कि दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गया है।
ज्ञानेस कुमार हटाव चे नारे दिल्लीत सुरू झाले आहेत,
— Sanjay Raut (@rautsanjay61) September 26, 2026
आजचा जंतर मंतर नजारा..
आर पार ची लढाई!@ECISVEEP @PMOIndia pic.twitter.com/Iwntueyruz
सोशल मीडिया पर इस वीडियो को शेयर किए जाने के बाद दिल्ली पुलिस अलर्ट हो गई है। दिल्ली पुलिस ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कोई जनता को भ्रमित करने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा।
🚨 MISINFORMATION ALERT 🚨
— DCP New Delhi (@DCPNewDelhi) September 26, 2026
The claim of a live, massive protest at Delhi's Jantar Mantar today is false.
The Video is Old: The footage being shared is archived material from a past event.
Legal action will be taken against those found deliberately spreading misinformation or… pic.twitter.com/lp7YE08xTw
