दिल्ली में 100 करोड़ की ठगी करने वाला अंतरराष्ट्रीय फर्जी कॉल सेंटर पकड़ा, 11 आरोपी गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस की आईएफएसओ यूनिट ने पीतमपुरा में एक अंतरराष्ट्रीय फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ कर 11 लोगों को गिरफ्तार किया है।

सांकेतिक तस्वीर एआई जनरेटेड
HighLights
दिल्ली पुलिस ने पीतमपुरा में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया।
गिरोह ने अमेरिकी नागरिकों से 100 करोड़ रुपये की ठगी की।
11 आरोपी गिरफ्तार, नकदी और उपकरण जब्त किए गए।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली पुलिस की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक आपरेशंस (आइएफएसओ) यूनिट ने पीतमपुरा में चल रहे एक हाई-टेक अंतरराष्ट्रीय फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ कर दो युवतियां सहित 11 आरोपितों को गिरफ्तार किया है।
यह गिरोह विदेशी नागरिकों (मुख्य रूप से अमेरिका) को अपना निशाना बनाता था। अमेरिकी नागरिकों को यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से टेक-सपोर्ट फ्राड का शिकार बनाता था। पुलिस का दावा है कि यह गिराेह विदेशी नागरिकों से अलग-अलग बहाने करीब 100 करोड़ रुपये ठगी कर चुका है।
गिरोह की बैक-एंड टीम, पीड़ितों के कंप्यूटरों में रिमोटली मैलवेयर इंस्टॉल करती थी, जिससे स्क्रीन पर एक पॉप-अप आ जाता था। इसमें तकनीकी सहायता के लिए एक टोल-फ्री नंबर दिया होता था।
पीड़ितों की कॉल सीधे पहुंचती थी कॉल सेंटर
पीड़ित जब उस नंबर पर कॉल करते थे, तो माइक्रोएसआईपी एप के जरिए कॉल सीधे पीतमपुरा स्थित कॉल सेंटर पर पहुंचती थी। वहां बैठे ट्रेंड एजेंट पीड़ितों को डराते थे कि उनका कंप्यूटर हैक हो गया है।
इसके बाद गिरोह के सदस्य 'अल्ट्रा व्यूअर' साफ्टवेयर के जरिए पीड़ितों के कंप्यूटर का रिमोट एक्सेस लेकर उन्हें यह विश्वास दिलाया जाता था कि उनके बैंक खाते भी खतरे में हैं फिर खुद को बैंक अधिकारी बताने वाले ठग 'गूगल वॉयस' के जरिए अमेरिकी नंबरों से बात करते थे और समस्या सुलझाने के नाम पर आई ट्यून्स, सेफोरा, टारगेट और गूगल पे जैसे गिफ्ट कार्ड या बिटक्वाइन जैसी क्रिप्टोकरेंसी ट्रांसफर करवाते थे।
कॉल सेंटर से 41 लाख नकद, 29 लैपटाप, 25 मोबाइल, आठ राउटर और एक कार जब्त किया गया।
