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साइकोट्रापिक ड्रग कार्टेल पर दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई, पटना में नकली कफ सिरप फैक्ट्री की पूरे NCR में थी सप्लाई

Published: Mon, 09 Feb 2026 07:07 PM (IST)

दिल्ली क्राइम ब्रांच ने पटना में एक नकली कफ सिरप फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है, जो एक साल से चल ...और पढ़ें

नामी कफ सिरप ब्रांड से मिलते जुलते नामों से कफ सिरप बनाए जाते थे और उसकी आपूर्ति बिहार, झारखंड, यूपी समेत पूरे एनसीआर में हो रही थी। प्रतीकात्मक तस्वीर

नामी कफ सिरप ब्रांड से मिलते जुलते नामों से कफ सिरप बनाए जाते थे और उसकी आपूर्ति बिहार, झारखंड, यूपी समेत पूरे एनसीआर में हो रही थी। प्रतीकात्मक तस्वीर

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जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। साइकोट्रापिक दवाओं की आपूर्ति करने वाले कार्टेल को खत्म करने के अंतरराज्यीय अभियान को जारी रखते हुए क्राइम ब्रांच ने पटना के रामा कृष्णा नगर में छापा मार नकली कफ सिरप बनाने वाली एक फैकट्री का भंडाफोड़ किया है। वहां एक साल से फैक्ट्री चल रही है, जहां कई नामी कफ सिरप ब्रांड से मिलते जुलते नामों से कफ सिरप बनाए जाते थे और उसकी आपूर्ति बिहार, झारखंड, यूपी समेत पूरे एनसीआर में हो रही थी।

नकली फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया

पटना के ड्रग विभाग के साथ मिलकर क्राइम ब्रांच ने यह कार्रवाई की। साइकोट्रापिक पदार्थ बेचने के मामले में क्राइम ब्रांच इस कार्टेल के आठ सदस्यों को अब तक गिरफ्तार कर चुकी है।
डीसीपी संजीव कुमार यादव के मुताबिक गिरफ्तार किए गए फैक्ट्री मालिक का नाम तनिष्क झा है। वह बिहार के पटना का रहने वाला है। एसीपी सत्येंद्र मोहन व इंस्पेक्टर नितेश कुमार की टीम ने पटना से संचालित हो रही नकली फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया।

जीवन के साथ खिलवाड़

टीम से वहां से आठ हजार बोतल नकली कफ सिरप, कफ सिरप बनाने के लिए इस्तेमाल सैकड़ों लीटर रसायन, मिश्रण उपकरण, रसायन रखने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले ड्रम, हजारों खाली बोतलें, कैप, पैकेजिंग सामग्री बरामद कर फैक्ट्री को सील कर दी गई। इस आपरेशन ने आम आदमी के जीवन के साथ खिलवाड़ पर रोक लगा दिया है। तनिष्क झा, बड़े पैमाने पर कच्चे माल और साइकोट्रापिक प्रकृति की संसाधित नकली दवाओं की तस्करी में शामिल था।

बड़ी मात्रा में साइकोट्रापिक पदार्थ की आवाजाही

पुलिस अधिकारी का कहना है कि इस कार्टेल के बारे में जांच पिछले साल सितंबर में शुरू हुई थी। क्राइम ब्रांच को अवैध तरीके से बड़ी मात्रा में साइकोट्रापिक पदार्थ की आवाजाही के बारे में सूचना मिली थी। पुलिस टीम ने पहले लाजपत नगर में जैतपुर के रहने वाले अनिरुद्ध को दो किलो ट्रामाडोल पाउडर के साथ गिरफ्तार किया था। उसके बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।

फैक्ट्री से गिरफ्तार कर लिया गया

पिछली गिरफ्तारियों से तकनीकी और मानवीय खुफिया जानकारी का इस्तेमाल करने पर पता चला कि तनिष्क झा नाम का शख्स पटना में कहीं बड़े पैमाने पर नकली साइकोट्रापिक दवाएं बनाने के लिए विभिन्न रसायनों को प्रोसेस कर रहा है। उसके बाद एक टीम को तुरंत पटना भेजी गई। वहां से तनिष्क को उसके पिता की फैक्ट्री से गिरफ्तार कर लिया गया।

पिछली गिरफ्तारियां और बरामदगी

कई अंतरराज्यीय छापों के बाद क्राइम ब्रांच ने पिछले दिनों सात लोगों को गिरफ्तार किया गया था जो विभिन्न राज्यों से बड़ी मात्रा में साइकोट्रापिक पदार्थों की तस्करी में शामिल थे। उनसे 50 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के 48 किलोग्राम से अधिक साइकोट्रापिक दवाएं बरामद की गईं। उनसे पूछताछ में तनिष्क का नाम इस कार्टेल के एक बड़े खिलाड़ी के रूप में सामने आया था।

यह सिंडिकेट साइकोट्रापिक दवाएं बनाने में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल बड़ी मात्रा में खरीदता था और बिना प्रिस्क्रिप्शन के प्रतिबंधित दवाएं बेचने के लिए रीपैकेजिंग करवाता था। तनिष्क के पिता सिरप बनाने वाली नकली फैक्ट्री चलाते थे।

अधिकांश सिरप के नाम नामी ब्रांडों के नामों से थोड़े अलग होते थे। पिता की फैक्ट्री में काम करने की आड़ में तनिष्क साइकोट्रापिक दवाएं बनाने में इस्तेमाल होने वाले बड़े पैमाने पर रसायन की तस्करी करता था और उन्हें दूसरे राज्यों में भेजता था।

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