डेटिंग ऐप पर दोस्ती कर फंसाया, फिर पुलिसवाला बनकर 2.15 लाख वसूले; दिल्ली पुलिस ने रैकेट का किया पर्दाफाश
छावला थाना पुलिस ने डेटिंग ऐप के ज़रिए दोस्ती कर लोगों को फंसाने वाले एक वसूली रैकेट का भंडाफोड़ किया है।

डेटिंग एप पर दोस्ती कर बुलाया, फिर साथियों संग बंधक बनाकर वसूले 2.15 लाख। एआई जेनरेटेड तस्वीर
HighLights
डेटिंग ऐप के ज़रिए दोस्ती कर वसूली रैकेट का भंडाफोड़
पुलिसकर्मी बनकर 2.15 लाख रुपये वसूलने वाले चार गिरफ्तार
छावला पुलिस ने पश्चिमी दिल्ली में बड़े गिरोह का किया खुलासा
जागरण संवाददाता, पश्चिमी दिल्ली। छावला थाना पुलिस ने वसूली के एक ऐसे रैकेट का भंडाफोड़ किया है, जिसकी महिला सदस्य ने डेटिंग एप के जरिये दोस्ती कर एक शख्स को फरीदाबाद से छावला क्षेत्र के ढांसा मेट्रो स्टेशन बुलाया। यहां पहुंचने पर उसे एक कमरे में ले गई।
जहां थोड़ी ही देर बाद पहुंची दो अन्य महिला और पुरुष ने उसे खुद को पुलिसकर्मी बताकर बंधक बना उससे 2.15 लाख रुपये वसूल लिए। पुलिस ने इस मामले में तीनों महिलाओं और उसके पुरुष साथी को गिरफ्तार कर लिया है।
आरोप है कि इस दौरान एक महिला ने खुद को पुलिसकर्मी बताया, जबकि उसके पुरुष साथी ने भी खुद को थाने का एसएचओ बताया। आरोपितों के कब्जे से वसूली गई रकम में से 70,500 रुपये बरामद कर लिए हैं। बाकी रकम जिन बैंक खातों में भेजी गई, उन्हें पुलिस ने होल्ड करा दिया है।
आरोपितों में सोनीपत निवासी मंदीप (38), गाजियाबाद निवासी प्रीति (32), नजफगढ़ निवासी कमलेश (42) और नजफगढ़ निवासी रितु (40) शामिल है। मंदीप के खिलाफ सोनीपत सिटी थाने में वर्ष 2024 में रंगदारी और धमकी समेत तीन प्राथमिकी और कंझावला थाने में वर्ष 2022 में मारपीट का मामला दर्ज है। कमलेश के खिलाफ द्वारका नार्थ थाने में वर्ष 2023 में प्राथमिकी दर्ज हुई थी।
उपायुक्त कुशलपाल सिंह के अनुसार, 14 सितंबर को मथुरा निवासी 44 वर्षीय चंद्रभान सिंह ने थाने में शिकायत दी थी। पीड़ित फरीदाबाद में सिक्योरिटी गार्ड का काम करते हैं। उन्होंने बताया कि क्वैकक्वैक डेटिंग एप के माध्यम से उनकी एक महिला से दोस्ती हुई थी।
महिला ने उन्हें ढांसा मेट्रो स्टेशन बुलाया। वहां से उन्हें नजफगढ़ स्थित एक मकान में ले जाया गया। वहां दोनों के पहुंचने के कुछ ही देर बाद अचानक से दो महिला और एक पुरुष पहुंच गए और खुद को दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताते हुए इसे एक छापामारी बताया और महिला के साथ गलत स्थिति में पकड़े जाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिए जाने की धमकी देकर उनके पास मौजूद 22 हजार रुपये नकदी और अलग-अलग यूपीआई लेन-देन से कुल 2.15 लाख रुपये ले लिए और वहां से चले गए।
संदेह होने पर थाने पहुंच शिकायत दी। शिकायत के आधार पर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। एसीपी जसवंत सिंह की निगरानी और एसएचओ दलीप कुमार के नेतृत्व में एसआइ विकास, पीएसआइ दीक्षा, एचसी जसवंत, सुरेंद्र और कविता की एक टीम गठित की गई।
जांच के दौरान मिले तकनीकी और पीड़ित के बताए गए हुलिया के आधार पर पुलिस ने आरोपितों की पहचान कर चारों को एक एक करके उनके ठिकानों से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस आरोपितों से पूछताछ कर उनके पुराने आपराधिक मामलों, संभावित अन्य साथियों और इस तरह ठगी या वसूली के शिकार हुए अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
