सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली में PG का सर्वे, 2250 में 138 इमारतों में खामी; दक्षिणी जोन सबसे आगे
सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली में 2250 पीजी का सर्वे किया गया, जिसमें 138 इमारतों में मरम्मत की जरूरत ...और पढ़ें

सतबरी में अवैध निर्माण को तोड़ती एमसीडी की टीम। सौजन्य- एमसीडी
HighLights
सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली में 2250 पीजी का सर्वे हुआ।
138 पीजी में मरम्मत की जरूरत, 90 दक्षिणी जोन में मिले।
4 इमारतों को खतरनाक घोषित किया गया, 47,000 लोग रहते हैं।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। सत्य निकेतन में इमारत गिरने के बाद हाईकोर्ट के आदेश पर शुरू हुए पीजी के सर्वे में एमसीडी को सबसे ज्यादा मरम्मत की जरुरत वाले पीजी दक्षिणी जोन में ही मिले है।
एमसीडी ने पूरी दिल्ली में 2250 पीजी का सर्वे कर लिया है कुल 138 मरम्मत योग्य पीजी में से 90 दक्षिणी जोन में ही मिले हैं। जबकि सर्वाधिक मरम्मत की जरुरत वाले 25 में से 22 पीजी भी इसी जोन में है।
एमसीडी के सर्वे के अनुसार इन पीजी में 47000 हजार लोग रह रहे हैं। इन 138 पीजी को मामूली मरम्मत की जरुरत है जबकि 25 पीजी को बड़ी मरम्मत की जरुरत है और चार भवनों को खतरनाक श्रेणी में रखा गया है।
हाईकोर्ट ने दिए थे सुरक्षा ऑडिट के आदेश
उल्लेखनीय है कि सत्य निकेतन में इमारत गिरने के हादसे बाद हाईकोर्ट ने एक सप्ताह में एमसीडी को पीजी का सुरक्षा आडिट करने का निर्देश दिया था। साथ ही एमसीडी के अलावा इन आवासों को संचालित करने के लिए लागू नियामक व्यवस्था की जानकारी भी मांगी थी।
अदालत ने कहा था कि हादसे की पूरी जिम्मेदारी केवल भवन मालिकों पर नहीं डाली जा सकती, क्योंकि एमसीडी और डीयू की भी इसमें भूमिका है। अदालत ने संबंधित अधिकारियों को 10 दिन में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था और मामले की अगली सुनवाई 25 सितंबर को होनी है।
एमसीडी के सर्वे रिपोर्ट के अनुसार सर्वाधिक 531 पीजी सिविल लाइंस जोन में मिले हैं। इसी जोन में डीयू का नार्थ कैंप और मुखर्जी नगर जैसे कोचिंग संस्थानों वाले इलाके आते है। इसके बाद केशवपुरम जोन में 410 और दक्षिणी जोन में 384 पीजी हैं।
वहीं, दक्षिणी जोन में आइआइटी, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) और दिल्ली विश्वविद्यालय का साउथ कैंपस जैसा संस्थान आते हैं जहां पर विद्यार्थियों को आवासीय सुविधा की अत्याधिक मांग रहती है।
एमसीडी अधिकारियों ने बताया कि जो इमारते कमजोर पाई गई है उसमें ज्यादातर वह इमारते हैं जो बिना पिलर के बनी है। उनका पूरा वजन दीवार और छत और फर्श पर रहता है।
रविवार को 11 भवनों पर कार्रवाई, चार संपत्तियां सील
हाईकोर्ट की सख्ती और सत्य निकेतन हादसे के बाद एमसीडी की हुई किरकिरी पर एमसीडी अपनी जान बचाने के लिए हरसंभव प्रयास में जुटी हुई है। यही वजह है कि रविवार की छुट्टी के दिन भी एमसीडी ने 11 स्थानों पर अवैध, जर्जर निर्माण के खिलाफ तोड़फोड़ की कार्रवाई की।
साथ ही नियमों के उल्लंघन पर चार संपत्तियों को सील किया गया है। यह सीलिंग की कार्रवाई पूर्वी जोन और पुरानी दिल्ली जोन में की गई है। जबकि निर्माण गिराने की कार्रवाई दक्षिणी जोन के सतबरी और अन्य इलाकों में की गई है।
