डेंगू से जंग की तैयारी पर बड़ा सवाल, MCD स्वास्थ्य विभाग में 1657 पद खाली; कौन संभालेगा मोर्चा?
दिल्ली में डेंगू के डेनवी-2 स्ट्रेन के खतरे के बीच एमसीडी के स्वास्थ्य विभाग में 1657 पद खाली हैं, जिससे मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम पर सवाल उठ रहे हैं।

दिल्ली में डेंगू के डेनवी-2 स्ट्रेन के खतरे के बीच एमसीडी के स्वास्थ्य विभाग में 1657 पद खाली हैं
HighLights
एमसीडी स्वास्थ्य विभाग में 1657 पद रिक्त हैं।
डेंगू का डेनवी-2 स्ट्रेन इस बार अधिक खतरनाक।
मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम का कार्य प्रभावित हो सकता है।
निहाल सिंह, नई दिल्ली। दिल्ली में इस बार डेंगू का डेनवी-2 (स्टेन 2) से लोगों के लिए खतरे की घंटी है लेकिन इन बीमारियों से एमसीडी कैसे जंग लड़ेगा इस पर सवाल हैं। क्योंकि मच्छरों से जंग पर एमसीडी के स्वास्थ्य विभाग में योद्धाओं की ही कमी है। जिसकी वजह से मच्छरजनित बीमारियों के रोकथाम का कार्य प्रभावित हो सकता है। जिससे लोगों की जान पर खतरा बढ़ सकता है।
एमसीडी एमएचओ-1 अशोक कुमार रावत द्वारा पेश की गई रिपोर्ट के अनुसार निगम स्वास्थ्य विभाग में 6304 पद स्वीकृत हैं इसमें से 1657 पद रिक्त हैं। यह वह पद हैं जो मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम में अहम भूमिका अदा करते हैं। इसमें जमीनी स्तर पर काम करने वाले मच्छरों की उत्पत्ति की जांच और दवाओं का छिड़काव करने वाले एमटीएस के 529 पद ही खाली पड़े हैं।
इसके साथ ही मच्छरों की उत्पत्ति वाले इलाकों पर विशेष ध्यान देने और वहां पर लगातार निरीक्षण करके मच्छरों की उत्पत्ति कम करने के लिए जिम्मेदार सहायक जनस्वास्थ्य निरीक्षक, जन स्वास्थ्य निरीक्षक, सहायक मलेरिया निरीक्षक, मलेरिया निरक्षक, एंटी मलेरिया ऑफिसर, महामारीविद और मच्छरजनित बीमारियों के लिए विशेषज्ञ जैसे पद खाली हैं।
रिपोर्ट के अनुसार एंटी मलेरिया ऑफिसर के सभी 14 पद खाली हैं। इस पद पर एक भी नियमित, सीधे नियुक्त या अनुकंपा आधार पर कर्मचारी तैनात नहीं है। वहीं 150 स्वीकृत मलेरिया निरीक्षक के पदों में केवल 46 पद भरे हैं और 104 पद रिक्त हैं। सहायक मलेरिया निरीक्षक के 600 स्वीकृत पदों में 54 नियमित और 151 सीधे नियुक्त कर्मचारी हैं। इसके बावजूद 395 पद खाली हैं।
इसी तरह महामारी विज्ञानी के 12 स्वीकृत पदों में एक नियमित और दो सीधे नियुक्त कर्मचारी हैं, जबकि नौ पद रिक्त हैं। एंटोमोलाजिस्ट के 12 पदों में तीन पद खाली हैं। जन स्वास्थ्य निरीक्षक के 85 स्वीकृत पदों में से 37 पद रिक्त हैं। सहायक जन स्वास्थ्य निरीक्षक के 255 पदों में 135 पद खाली हैं।
सबसे अधिक रिक्तियां एमटीएस (पीएच) सहित फील्ड वर्कर आदि श्रेणियों में हैं। इस श्रेणी में 5176 पद स्वीकृत हैं, जिनमें 529 पद रिक्त हैं। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष सर्वाधिक मरीज डेंगू के स्ट्रेन 2 के आ रहे है। जो कि सर्वाधिक खतरनाक माना जाता है।
भाजपा सरकार डेंगू-मलेरिया को रोकने के लिए कोई जमीनी स्तर पर काम नहीं कर रही है। न तो इनके पास स्टाफ है और न ही इनके पास कोई विजन है। इसकी वजह से हर साल लोग इन बीमारियों की चपेट में आते हैं लेकिन निगम के अधिकारी आंकड़ों में हेर-फेर करके इसे दबाने की कोशिश करते हैं।- प्रवीण कुमार, आप पार्षद व स्थायी समिति के सदस्य
हम लगातार संसाधनों को बढ़ाने की कोशिश में लगे हैं। साथ ही मच्छरजनित बीमारियों का प्रसार न हो इसके लिए लगातार इसकी निगरानी की जा रही है। साथ ही जागरुकता कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं।-प्रवेश वाही, महापौर, दिल्ली
| पद | स्वीकृत पद | रिक्त पद |
|---|---|---|
| एंटी मलेरिया अधिकारी | 14 | 14 |
| मलेरिया निरीक्षक | 150 | 104 |
| सहायक मलेरिया निरीक्षक | 600 | 395 |
| महामारी विज्ञानी | 12 | 9 |
| एंटोमोलाजिस्ट | 12 | 3 |
| जन स्वास्थ्य निरीक्षक | 85 | 37 |
| सहायक जन स्वास्थ्य निरीक्षक | 255 | 135 |
| एमटीएस व अन्य फील्ड स्टाफ | 5176 | 529 |
| कुल | 6304 | 1657 |
