पंजाब चुनाव की तैयारी तेज, दिल्ली के दिग्गजों का दांव; AAP और BJP ने कसी कमर
पंजाब विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही दिल्ली के प्रमुख नेता सक्रिय हो गए हैं। आम आदमी पार्टी सत्ता ...और पढ़ें

पंजाब इलेक्शन की तैयारी तेज।
HighLights
AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल पंजाब में सक्रिय, रणनीति बना रहे।
भाजपा ने वीरेंद्र सचदेवा समेत दिल्ली के नेता मैदान में उतारे।
दोनों दल पंजाब में अपनी जीत सुनिश्चित करने में जुटे हैं।
संतोष कुमार सिंह, नई दिल्ली। पंजाब विधानसभा चुनाव में अब महज चार-पांच महीने शेष बचे हैं और इसकी सरगर्मी राजधानी में भी महसूस की जा रही है। दिल्ली की सत्ता गंवाने के बाद आम आदमी पार्टी के सामने अब पंजाब की सत्ता बचाने की बड़ी चुनौती है।
वहीं, दिल्ली की सत्ता से आप को बेदखल करने के बाद भाजपा की नजर अब उसके दूसरे गढ़ पर टिक गई है। इसके लिए दिल्ली के दिग्गज नेता पंजाब के रण में उतरने लगे हैं, ताकि आगामी विधानसभा चुनाव में अपनी जीत की राह आसान कर सकें।
आप के संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पिछले एक वर्ष से अधिक समय से पंजाब में सक्रिय हैं। वह पार्टी को फिर से सत्ता में लाने के लिए रणनीति बनाने के साथ-साथ जनसंवाद भी कर रहे हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया को पंजाब का प्रभारी और पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन को सह-प्रभारी बनाया गया है।
इनके साथ ही विधायक जरनैल सिंह समेत कई अन्य नेता वहां लगातार सक्रिय हैं। चर्चा है कि आने वाले दिनों में दिल्ली के कई और नेताओं को वहां चुनावी जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।
भाजपा ने भी दिल्ली के नेताओं को मैदान में उतारा
दूसरी ओर, भाजपा ने भी पंजाब में मजबूत किलाबंदी के लिए दिल्ली के नेताओं को मैदान में उतारा है। दिल्ली भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा और पूर्व सह-प्रभारी डा. अलका गुर्जर को पंजाब का सह-प्रभारी बनाया गया है। सचदेवा के ही नेतृत्व में भाजपा ने आप को हराकर 27 वर्षों बाद दिल्ली में वापसी की थी। उन्होंने आबकारी नीति में भ्रष्टाचार और विभिन्न विभागों की अनियमितताओं के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाकर तत्कालीन आप सरकार की घेराबंदी की थी।
आवासीय क्षेत्रों में शराब की दुकानें खोलने के खिलाफ दिल्ली के लोगों विशेषकर महिलाओं को एकजुट कर आंदोलन खड़ा करने में सचदेवा सफल रहे थे। अब उन्हें पंजाब में आप को घेरने की कमान सौंपी गई है।
भाजपा इस समय पंजाब में नशे की समस्या को जोर-शोर से उठा रही है और धरना-प्रदर्शन समेत कई कार्यक्रम आयोजित कर रही है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता समेत कई वरिष्ठ नेता इन कार्यक्रमों में शामिल हो चुके हैं।
दूसरी तरफ, पंजाब से राज्यसभा सदस्य और दिल्ली निवासी राघव चड्ढा की भी चुनावी प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा और पूर्व मंत्री व विधायक अरविंदर सिंह लवली सिख मतदाताओं को साधने में जुटे हैं।
इसके अतिरिक्त, सांसद मनोज तिवारी को पंजाब में रहने वाले पूर्वांचली मतदाताओं को भाजपा से जोड़ने का दायित्व सौंपा गया है, जिसके तहत वह वहां कई जनसभाएं भी कर चुके हैं। आने वाले समय में दोनों दलों के साथ कांग्रेस के भी कई प्रमुख नेता पंजाब में मोर्चा संभालते नजर आएंगे।
