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शालीमार बाग का साप्ताहिक बाजार अब दूसरी जगह होगा शिफ्ट, दिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा आदेश

Published: Wed, 29 Jul 2026 09:32 PM (IST)

दिल्ली हाई कोर्ट ने शालीमार बाग के साप्ताहिक बाजार को निवासियों की असुविधा के कारण केला गोदाम रोड पर स्थानांतरित करने का एमसीडी को निर्देश दिया है।

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HighLights

  1. साप्ताहिक बाजार शालीमार बाग से केला गोदाम रोड स्थानांतरित होगा।

  2. दिल्ली हाई कोर्ट ने एमसीडी को स्थानांतरण का निर्देश दिया।

  3. अधिकृत वेंडरों के लिए नई जगह, शुल्क भी बढ़ा।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। शालीमार बाग के बी-एच ब्लाॅक में लगने वाले सोमवार के साप्ताहिक बाजार को दूसरी जगह स्थानांतरित करने का दिल्ली हाई कोर्ट ने एमसीडी को निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति प्रतिबा एम सिंह व न्यायमूर्ति विकास महाजन की पीठ ने कहा कि सड़क किनारे सामान बेचने वालों स्ट्रीट वेंडर्स को अपनी आजीविका कमाने का अधिकार है।

कोर्ट ने यह भी कहा कि अधिकार स्थानीय निवासियों के शांतिपूर्ण जीवन जीने और भारी भीड़-भाड़ व असुविधा से मुक्त रहने के अधिकार के साथ तालमेल बिठाकर ही इस्तेमाल किया जाना चाहिए। इसके साथ ही पीठ ने बाजार को केला गोदाम रोड पर स्थानांतरित करने के एमसीडी के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।

राहगीरों को नहीं होगी कोई दिक्कत

पीठ ने माना कि नई जगह पर 300 अधिकृत वेंडर्स के लिए पर्याप्त जगह होगी और इससे न तो यातायात जाम होगा और न ही निवासियों के आने-जाने में कोई रुकावट आएगी। पीठ ने कहा कि सड़क किनारे सामान बेचने वालों के कारण किसी भी निवासी को इतनी अधिक असुविधा नहीं होनी चाहिए।

अदालत ने उक्त निर्देश शालीमार बाग के अलग-अलग ब्लाक की रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) ने की याचिका पर दिया। याचिका में साप्ताहिक बाजार को हटाने या दूसरी जगह स्थानांतरित करने की मांग की थी।

आरडब्ल्यूए का आरोप था कि अनधिकृत वेंडर्स ने इलाके पर कब्जा कर लिया है और इससे भारी ट्रैफिक जाम होता है। पैदल चलने वालों के साथ ही इमरजेंसी सेवाओं में देरी होती है। वहीं, एमसीडी ने मामले पर जवाब दाखिल कर कहा है कि जांच में साप्ताहिक बाजार नीति के कई उल्लंघन पाए गए हैं।

नई जगह पर आवंटित करें

इस पर पीठ ने कहा कि इमरजेंसी गाड़ियों, स्कूल बसों, फायर सर्विस की गाड़ियों का आना-जाना और कालोनी में आसानी से प्रवेश और निकास बुनियादी जरूरतों को अदालत नजरअंदाज नहीं कर सकती। पीठ ने एमसीडी को निर्देश दिया कि 300 अधिकृत वेंडर्स की सूची तैयार कर सत्यापन करे और नई जगह पर वेंडिंग के लिए तय जगह आवंटित करे।

पीठ ने रोजाना की वेंडिंग फीस को 15 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये (जिसे बाद में टाउन वेंडिंग कमिटी बदल सकती है) कर दिया। साथ ही स्थानीय एसएचओ नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर निरीक्षण करने का निर्देश दिया।

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