खुले नाले में गिरे किशोर की मौत पर दिल्ली हाई कोर्ट सख्त, MCD को तुरंत स्लैब ढकने का आदेश
दिल्ली हाई कोर्ट ने ओखला में खुले नाले से स्थानीय लोगों को होने वाले खतरे को देखते हुए एमसीडी को ...और पढ़ें
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दिल्ली हाई कोर्ट।
HighLights
हाई कोर्ट ने ओखला नाले को तुरंत स्लैब से ढकने का आदेश दिया।
एमसीडी को नाले के पास सेपरेटर दीवार बनाने का भी निर्देश।
जसोला में लड़के की मौत के बाद अदालत ने गंभीरता दिखाई।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। खुले नालों के कारण स्थानीय लोगों को होने वाले खतरे को देखते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने एमसीडी ओखला में एक नाले को तुरंत स्लैब से ढकने का दिल्ली हाई कोर्ट ने आदेश दिया है। साथ ही अदालत ने एमसीडी को औपचारिकताओं का इंतजार किए बिना एक सेपरेटर दीवार बनाने का आदेश दिया।
न्यायमूर्ति प्रतिबा एम सिंह व न्यायमूर्ति मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की पीठ ने नाले की तस्वीरें देखने के बाद कहा कि जिस तरह से यह बिना किसी सुरक्षा के खुला है, वह चिंताजनक है।
पीठ ने कहा कि बिना किसी सेपरेटर दीवार या कवरिंग के खुला नाला इलाके के निवासियों और आने-जाने वालों के लिए सुरक्षा का गंभीर खतरा बन सकता है।
500 मीटर दूर मिला शव
अदालत ने यही रिकॉर्ड पर लिया कि दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के जसोला में स्कूल जाते समय पतंग पकड़ने की कोशिश में 15 साल का एक लड़का खुले नाले में गिर गया था। चार दिन बाद 24 अगस्त को 500 मीटर दूर उसका शव मिला।
स्लैब से ढकने का निर्देश
उक्त तथ्यों को देखते हुए पीठ ने एमसीडी को तत्काल नाले को स्लैब से ढकने का निर्देश दिया। अदालत ने यह भी रिकॉर्ड पर लिया कि मार्च माह में एमसीडी को ओखला में नाले और सड़क के बीच एक सेपरेटर दीवार बनाने का निर्देश दिया था।
अदालत ने उक्त निर्देश एक समाचार रिपोर्ट का संज्ञान लेकर मामले पर सुनवाई करते हुए दिया। समाचार रिपोर्ट में कहा गया था कि किस तरह से ओखला के शाहीन बाग में एक मुख्य सड़क खुले सीवर में बदल गई थी।
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अदालत ने पूर्व में एमसीडी को रिफ्लेक्टर और कुछ लाइटें लगाने का भी निर्देश दिया था ताकि ओखला में अबुल फजल एन्क्लेव के पास खुला नाला आने-जाने वालों और ड्राइवरों को दिखाई दे सके।
