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बचाए गए बाल मजदूरों की बकाया मजदूरी वसूले दिल्ली पुलिस, फरार मालिकों पर दिल्ली हाई कोर्ट सख्त

Published: Wed, 27 May 2026 06:58 PM (IST)

दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया है कि वह लापता मालिकों को ढूंढने में मदद करे ताकि बचाए गए बाल मजदूरों की बकाया मजदूरी वसूली जा सके।

दिल्ली हाई कोर्ट ने आदेश दिया है कि बचाए गए बाल मजदूरों को उनकी बकाया मजदूरी की वसूली सुनिश्चित की जाए। प्रतीकात्मक तस्वीर

दिल्ली हाई कोर्ट ने आदेश दिया है कि बचाए गए बाल मजदूरों को उनकी बकाया मजदूरी की वसूली सुनिश्चित की जाए। प्रतीकात्मक तस्वीर

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जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को लापता मालिकों को खोजने में सक्रिय रूप से मदद करने का निर्देश दिया है, ताकि उनसे बचाए गए बाल मजदूरों को उनकी बकाया मजदूरी की वसूली सुनिश्चित की जा सके।

छापेमारी कर छुड़ाया गया

न्यायमूर्ति सचिन दत्ता की पीठ ने कहा कि अधिकारियों की यह कानूनी जिम्मेदारी है कि वे बचाए गए बच्चों को मिलने वाली बकाया राशि वसूल करें और बाल मजदूरों के पुनर्वास से जुड़े न्यायिक निर्देशों का पालन सुनिश्चित करें। अदालत ने उक्त निर्देश तीन नाबालिग लड़कियों के स्वजन द्वारा दायर एक याचिका पर दिया। इन लड़कियों को 9 मई 2023 को बाल मजदूरी के खिलाफ की गई एक छापेमारी के दौरान बचाया गया था।

मालिकों ने मजदूरी जमा नहीं की

छापेमारी के बाद श्रम विभाग ने बचाए गए बच्चों को उनके मालिकों द्वारा दी जाने वाली बकाया मजदूरी की गणना की। इसके बाद, किशोर न्याय अधिनियम और बाल एवं किशोर श्रम अधिनियम के प्रविधानों के तहत एक प्राथमिकी भी की गई। हालांकि, याचिकाकर्ताओं द्वारा बार-बार गुहार लगाने के बावजूद, मालिकों ने मजदूरी जमा नहीं की।

दो कार्य दिवसों में वसूली नोटिस जारी करें

अदालत ने कौम फकीर शाह बनाम श्रम एवं रोजगार मंत्रालय और वाल्टर केरकेट्टा बनाम उप-विभागीय मजिस्ट्रेट मामलों का हवाला दिया, जिनमें ऐसे मामलों में बकाया मजदूरी की वसूली के लिए एक विस्तृत प्रक्रिया तय की गई थी। इसके तहत बच्चों को बचाए जाने के दो कार्य दिवसों के भीतर वसूली नोटिस जारी करना जरूरी है और यदि मालिक मजदूरी जमा करने में विफल रहते हैं, तो वसूली प्रमाण पत्र जारी करने की अनुमति है। यह भी अनिवार्य है कि संबंधित एसडीएम द्वारा बकाया राशि की वसूली भू-राजस्व के बकाया के रूप में की जाए।

वसूली की प्रक्रिया पूरी की जा सके

मालिकों के लापता होने के तथ्य का संज्ञान लेते हुए अदालत ने संबंधित एसडीएम को निर्देश दिया कि वे पुलिस अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करके संबंधित मालिकों का पता लगाएं। साथ ही पुलिस को यह भी निर्देश दिया कि वह मालिकों का पता लगाने के लिए सक्रिय रूप से जांच करे और सभी आवश्यक कदम उठाए, ताकि वसूली की प्रक्रिया पूरी की जा सके।

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