विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

देश की राजधानी को हरा-भरा बनाने का रोडमैप तैयार, कहां-कहां 'फेफड़े' फैलाएगी दिल्ली?

Published: Sun, 12 Apr 2026 07:19 PM (IST)Updated: Sun, 12 Apr 2026 07:25 PM (IST)

दिल्ली सरकार ने 2026-27 के लिए हरित दिल्ली का मेगा प्लान जारी किया है। इसके तहत शहर में 15 नए नगर वन और 2 मियावाकी फॉरेस्ट विकसित किए जाएंगे।

दिल्ली सरकार ने 2026-27 के लिए हरित दिल्ली का मेगा प्लान जारी किया है। इमेज एआई

दिल्ली सरकार ने 2026-27 के लिए हरित दिल्ली का मेगा प्लान जारी किया है। इमेज एआई

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

संजीव गुप्ता, नई दिल्ली। आबोहवा सुधारने और राष्ट्रीय राजधानी को ''कंक्रीट के जंगल'' से ''हरियाली के गंतव्य'' में बदलने के लिए सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 का रोडमैप जारी कर दिया है।

इस मेगा प्लान के तहत शहर में 15 नए नगर वन और 2 मियावाकी फॉरेस्ट विकसित किए जाएंगे। खास बात यह कि इस पूरे मिशन की निगरानी का जिम्मा सेवानिवृत्त वन अधिकारियों के अनुभवी हाथों में होगा।

सरकार का 'ग्रीन विजन'

सरकार का लक्ष्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि 'अर्बन लंग्स' (शहर के फेफड़े) विकसित करना है:-

  • नगर वन : ये ऐसे क्षेत्र होंगे जहां घने जंगलों के बीच नागरिकों के लिए आधुनिक सुविधाएं और वाकिंग ट्रैक होंगे।
  • मियावाकी तकनीक : जापान की इस तकनीक से कम जगह में 30 गुना ज्यादा घना जंगल तैयार किया जाएगा, जो सामान्य से 10 गुना तेजी से बढ़ता है।
कहां-कहां फेफड़े फैलाएगी दिल्ली (प्रमुख स्थल)
स्थान क्षेत्र (एकड़ में)
सतबड़ी 18.6
मैदानगढ़ी 18.6
शाहपुर गढ़ी 12
अलीपुर 12.2
आइबी अलीपुर 28
नरेला 11
ममूरपुर 1.18
जी-7, जी-8 नरेला 15
बरवाला 2.33
प्रहलादपुर बागर रोहिणी 3.33
प्रहलादपुर बागर (2) 5.4
सेक्टर-32 रोहिणी 2.16
सेक्टर-31 रोहिणी 38.34
साइट बीबी सेक्टर-32 रोहिणी 5.69
महमदपुर माजरी रोहिणी 4.12

लक्ष्य: 35 लाख देशी पौधों का संकल्प

आगामी चार वर्षों में दिल्ली के पर्यावरण को पीपल, नीम, बरगद और आम जैसे 35 लाख स्वदेशी पौधों से सजाया जाएगा। अकेले वर्ष 2026-27 के लिए 70.82 लाख पौधे लगाने का भारी-भरकम लक्ष्य रखा गया है।

पिछले साल का रिपोर्ट कार्ड (2025-26)

सरकार ने 75 लाख के लक्ष्य के मुकाबले अब तक 67.98 लाख पौधे लगाकर शानदार प्रदर्शन किया है। इसमें 41.82 लाख झाड़ियां और 2 लाख से अधिक बांस के पौधे शामिल हैं।

निगरानी और पारदर्शिता : अब कोई चूक नहीं

  • इस मेगा प्लान को जमीन पर उतारने के लिए सरकार ने ''डबल लेयर'' सुरक्षा और पारदर्शिता का इंतजाम किया है:
  • अनुभवी सलाहकार : रिज क्षेत्र में वृक्षारोपण की देखरेख के लिए 20 सेवानिवृत्त वन अधिकारियों की नियुक्ति की जा रही है।
  • हाइटेक मानिटरिंग: सभी एजेंसियों को डेटा ''ग्रीन एक्शन प्लान'' पोर्टल पर डालना होगा। इसके बाद सैटेलाइट मूल्यांकन और फिर अधिकारियों द्वारा फिजिकल वेरिफिकेशन किया जाएगा।


विशेषज्ञों का मानना है कि 'दिल्ली जैसे महानगर में जहां जमीन की कमी है, वहां मियावाकी जैसे छोटे और घने जंगल आक्सीजन के स्तर को बढ़ाने में क्रांतिकारी साबित हो सकते हैं। यह कदम न सिर्फ दिल्ली को सुंदर बनाएगा बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वस्थ वातावरण भी सुनिश्चित करेगा। जल्द ही दिल्ली के विभिन्न इलाकों में रहने वाले लोग अपने घर के पास ही घने जंगलों का अनुभव कर सकेंगे।

यह भी पढ़ें: दिल्ली विश्वविद्यालय में अब कर्मचारियों को समय पर आना होगा अनिवार्य, 9:30 के बाद आने पर कटेगी छुट्टी