दिल्ली में ग्रीन बजट की तैयारी: पर्यावरण सुरक्षा और विकास का बैलेंस बनाने की दिशा में बड़ा कदम
दिल्ली सरकार विकास और पर्यावरण संतुलन के लिए 'ग्रीन बजट' पर गंभीरता से विचार कर रही है। इसका उद्देश्य सरकारी ...और पढ़ें

दिल्ली सरकार विकास और पर्यावरण संतुलन के लिए 'ग्रीन बजट' पर गंभीरता से विचार कर रही है। फाइल फोटो
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। क्लाइमेट चेंज, प्रदूषण में कमी और तेज़ी से शहरीकरण के इस दौर में, दिल्ली सरकार राजधानी में विकास और पर्यावरण सुरक्षा के बीच बैलेंस बनाने के लिए ग्रीन बजट के कॉन्सेप्ट पर गंभीरता से विचार कर रही है।
बजट का मुख्य मकसद यह पक्का करना है कि सरकारी खर्च और योजनाओं का एक बड़ा हिस्सा पर्यावरण सुरक्षा, प्रदूषण कंट्रोल, क्लीन एनर्जी, पानी बचाने, बायोडायवर्सिटी बचाने और सस्टेनेबल डेवलपमेंट पर फोकस हो। इससे पहले, आम आदमी पार्टी सरकार ने 2018-19 के लिए ग्रीन बजट पेश किया था, लेकिन वह पूरी तरह सफल नहीं रहा।
इन राज्यों में ग्रीन बजट पेश
बिहार, राजस्थान, असम, केरल, मेघालय और ओडिशा के साथ-साथ केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी ने भी अलग-अलग समय पर ग्रीन बजट पेश किए हैं।
यह ध्यान देने वाली बात है कि कई देशों के साथ-साथ भारत के कुछ राज्यों ने भी ग्रीन बजट या क्लाइमेट बजटिंग की दिशा में कदम उठाए हैं। इन पहलों का मकसद बजट में पर्यावरण के लिए जरूरी योजनाओं और प्रोजेक्ट्स की अलग से पहचान करना है ताकि पॉलिसी बनाने और रिसोर्स के इस्तेमाल में ज्यादा ट्रांसपेरेंसी और असरदार तरीके से काम हो सके। दिल्ली सरकार भी इन मॉडलों की स्टडी कर रही है और राजधानी के लिए एक सही सिस्टम बनाने पर सोच-विचार कर रही है।
ग्रीन बजट जैसी पहल क्या फायदे होंगे?
सूत्रों के मुताबिक, ग्रीन बजट जैसी पहल सिर्फ पर्यावरण सुरक्षा तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि आर्थिक विकास के नए मौके भी पैदा करती हैं। इससे क्लीन एनर्जी, ग्रीन ट्रांसपोर्टेशन, वेस्ट मैनेजमेंट, पानी बचाने और ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे एरिया में इन्वेस्टमेंट बढ़ेगा। इससे नई टेक्नोलॉजी का विकास होगा और रोजगार के मौके पैदा होंगे। इस तरह, ग्रीन बजट पर्यावरण संतुलन और आर्थिक तरक्की को बैलेंस करने का एक असरदार ज़रिया बन सकता है।
पर्यावरण सुरक्षा और प्रदूषण कंट्रोल के तहत, यह बजट इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी (EV पॉलिसी) के ज़रिए राजधानी में क्लीन ट्रांसपोर्टेशन को और बढ़ावा देगा, जिससे हवा का प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, बजट में सोलर एनर्जी और रूफटॉप सोलर प्रोजेक्ट्स को बढ़ाने को भी शामिल किया जाएगा। ग्रीन एरिया को बढ़ाने के साथ-साथ वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम को मज़बूत करने और पानी बचाने से जुड़ी योजनाओं को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
दिल्ली सरकार एक्सपर्ट्स, पर्यावरणविदों, पॉलिसी बनाने वालों और अलग-अलग डिपार्टमेंट्स के साथ मिलकर ग्रीन बजट के कॉन्सेप्ट को लागू करने के लिए काम कर रही है, ताकि यह पक्का हो सके कि राजधानी में हर नई डेवलपमेंट पहल पर्यावरण के अनुकूल हो और एक साफ़ और हेल्दी माहौल पक्का करे।
