HC में लक्ष्मी योजना पर दिल्ली सरकार का जवाब- सांसद-विधायक की मंजूरी से अब तक मिले 7 लाख आवेदन
दिल्ली सरकार ने 'लक्ष्मी योजना' के तहत लाभ के लिए स्थानीय सांसद या विधायक की मंजूरी की शर्त का हाई ...और पढ़ें

सरकार ने किया लक्ष्मी योजना का हाईकोर्ट में बचाव
HighLights
दिल्ली सरकार ने 'लक्ष्मी योजना' में सांसद/विधायक मंजूरी का बचाव किया।
हाईकोर्ट में हलफनामा दाखिल कर सरकार ने अपनी स्थिति स्पष्ट की।
7.32 लाख से अधिक आवेदन मिले, कोई समस्या नहीं हुई।
जागरण संवाददाता, नई। दिल्ली 'लक्ष्मी योजना' के तहत हर महीने 2,500 का लाभ पाने के लिए योग्य महिलाओं को अपने इलाके के सांसद या विधायक से मंजूरी लेने के अपने निर्णय का दिल्ली सरकार ने हाई कोर्ट में बचाव किया है।
निर्णय को चुनौती देने वाली याचिका पर हलफनामा दाखिल कर दिल्ली सरकार के महिला एवं बाल कल्याण विभाग ने कहा है कि अब तक स्थानीय सांसदों/विधायकों की मंजूरी वाले लगभग 7,32,814 आवेदन मिल चुके हैं।
कांग्रेस के पूर्व पार्षद अभिषेक दत्त और मौजूदा पार्षद वेदपाल शीतल चौधरी द्वारा दायर याचिका के जवाब में सरकार ने कहा कि जब 17 जुलाई को मंत्रिपरिषद के लिए नोट तैयार किया गया था, तभी योजना में इलाके के सांसद/विधायक की सिफारिश की शर्त को शामिल करने का निर्णय कर लिया गया था।
सरकार ने हलफनामे में कही ये बातें
सरकार ने कहा कि अलग-अलग विभागों ने भी इस शर्त की जांच की और इसमें कुछ भी असामान्य नहीं पाया। इसके बाद, सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग ने मंत्रिपरिषद की मंजूरी के लिए प्रस्ताव पेश किया।
हलफनामे में आगे कहा गया है कि मंत्रिपरिषद ने बाद में सांसद/विधायक की सिफारिश की शर्त वाली गाइडलाइंस को मंजूरी दी और फिर कैबिनेट ने योजना को लागू करने का निर्णय किया।
दिल्ली सरकार ने तर्क दिया है कि बड़ी संख्या में मिले आवेदनों से पता चलता है कि इस शर्त की वजह से योजना का लाभ लेने वाले लोगों को कोई मुश्किल या परेशानी नहीं हो रही है।
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