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दिल्ली पुलिस के 48 घंटे के विशेष अभियान के बाद गैंगस्टरों का खौफ, दो इलाकों में ताबड़तोड़ फायरिंग

Published: Tue, 13 Jan 2026 08:57 PM (IST)

दिल्ली में पुलिस के 48 घंटे के विशेष अभियान 'गैंग बस्ट 2026' के तुरंत बाद गैंगस्टरों ने कानून-व्यवस्था को चुनौती ...और पढ़ें

दिल्ली पुलिस का 48 घंटों का संगठित अपराध के खिलाफ विशेष अभियान गैंग बस्ट 2026।

दिल्ली पुलिस का 48 घंटों का संगठित अपराध के खिलाफ विशेष अभियान गैंग बस्ट 2026।

HighLights

  1. पुलिस अभियान के तुरंत बाद गैंगस्टरों ने फायरिंग की।

  2. पश्चिमी विहार जिम और विनोद नगर घर पर हमले हुए।

  3. लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े रणदीप मलिक ने जिम्मेदारी ली।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। राजधानी में कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए गैंगस्टरों ने एक बार फिर खौफ का तांडव मचाया है। हैरानी की बात यह है कि एक ओर दिल्ली पुलिस की संयुक्त टीम, जिसमें स्पेशल सेल और जिला पुलिस शामिल है, ने संगठित अपराध और सक्रिय गैंग्स के खिलाफ 48 घंटों का संगठित अपराध के खिलाफ विशेष अभियान गैंग बस्ट 2026 चलाया था।

वहीं दूसरी ओर बेखौफ बदमाशों इस अभियान के खत्म होने के 24 घंटों के अंदर पूर्वी और बाहरी दिल्ली में फायरिंग कर पुलिस को खुली चुनौती दे दी। बदमाशों ने दहशत फैलाने के लिए पश्चिम विहार में एक जिम और विनोद नगर में एक प्रॉपर्टी डीलर के घर को निशाना बनाया। गनीमत रही कि दोनों ही स्थानों पर उनकी चलाई गोली से कोई हताहत नहीं हुआ।

यह तो सिर्फ ट्रेलर था, अगली बार काल इग्नोर किया तो अंजाम नादिर शाह जैसा होगा। पहला मामला बाहरी दिल्ली का पॉश इलाका पश्चिम विहार का है जहां सोमवार रात सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर रोहित खत्री के आरके फिटनेस जिम को निशाना बनाकर उसपर फायरिंग की गई। इस घटना के बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े गैंगस्टर रणदीप मलिक ने इंटरनेट मीडिया पर इसकी जिम्मेदारी लेते हुए पोस्ट किया।

यह घटना सोमवार रात करीब 12:00 बजे की है, जिसमें हमलावरों ने इमारत की दूसरी मंजिल पर स्थित जिम पर फायरिंग की।हमलावरों द्वारा चलाई गई गोलियों में से एक गोली सीधे दूसरी मंजिल की खिड़की के शीशे को चीरती हुई जिम के अंदर जा घुसी। इस दौरान हमलावरों ने दहशत फैलाने के लिए कई राउंड गोलियां हवा में भी चलाईं और मौके से फरार हो गए। गनीमत रही कि जिस समय गोली शीशा तोड़कर अंदर दाखिल हुई, वहां कोई मौजूद नहीं था। पुलिस को मौके से एक जिंदा कारतूस भी बरामद हुआ है।

फायरिंग के कुछ ही समय बाद विदेश में बैठे गैंगस्टर रणदीप मलिक ने फेसबुक पर पोस्ट कर इस हमले को वसूली की कॉल को नजरअंदाज करने का नतीजा बताया। पोस्ट में लिखा है कि जिम मालिक ने कॉल को अनदेखा किया, इसलिए यह सिर्फ एक ट्रेलर था। अगर अगली बार कॉल नहीं उठाया या बात नहीं मानी, तो अंजाम नादिर शाह जैसा होगा। बता दें कि जिम ट्रेनर नादिर शाह की कुछ समय पहले ग्रेटर कैलाश में सरेआम हत्या कर दी गई थी।

भाजपा नेता ने नहीं दी दो करोड़ रुपये की रंगदारी

वहीं दूसरी वारदात पूर्वी दिल्ली के विनोद नगर में हुई, जहां भाजपा नेता और प्रॉपर्टी डीलर जितेंद्र गुप्ता के घर पर देर रात बाइक सवारों ने तीन राउंड गोलियां चलाई और फरार हो गए। गनीमत रही गोली किसी को लगी नहीं। वहीं यह पूरी घटना पास ही लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। पता चला कि वारदात को बाइक सवार बदमाशों ने रात करीब 11.54 में अंजाम दिया था, ठीक इसी समय पश्चिम विहार में भी जिम पर बाइक सवार बदमाशों ने गोलियां चलाई थी। इस घटना के कुछ ही देर बाद भाजपा नेता को वाट्सएप पर रणदीप का वाइस मैसेज आया कि उसने ही गोलियां चलवाई हैं। रंगदारी की रकम नहीं मिली तो हत्या कर देंगे।

जितेंद्र गुप्ता ने मधु विहार थाने में दी गई अपनी शिकायत में बताया है कि लारेंस गिरोह गत सितंबर से रंगदारी मांग रहा है। पुलिस ने सुरक्षा के लिए दिन में एक पीएसओ भी दिया हुआ है। उन्होंने बताया कि गत सितंबर में उनके पास विदेशी नंबर से वाट्सएप पर वाइस मैसेज आया था। मैसेज करने वाले ने खुद को लोरेंस बिश्नाेई गिरोह का रणदीप मलिक बताया।

शुरुआत में उसने रकम नहीं बताई कहा कि उसे रुपये चाहिए, नहीं दिए तो अंजाम गुभतना होगा। उनकी शिकायत पर मधु विहार थाना ने रंगदारी का केस दर्ज किया। उन्हें सुरक्षा मुहैया करवाई गई। 31 दिसंबर की रात को फिर से रणदीप का मैसेज आया और दो करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई। इसके बाद विदेशी नंबरों से आए काल को उन्होंने उठाना बंद कर दिया। जिसका परिणाम 12 जनवरी की रात की घटना है।

संयुक्त आयुक्त (वेस्टर्न रेंज) जतिन नरवाल के अनुसार, पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। इस हमले के पीछे केवल एक अपराधी नहीं, बल्कि लॉरेंस बिश्नोई, जितेंद्र गोगी, हाशिम बाबा और काला राणा जैसे कुख्यात गिरोहों के गठजोड़ का अंदेशा है। पुलिस की स्पेशल सेल और स्थानीय पुलिस की टीमें इन दोनों घटनाओं की कड़ियों को जोड़ रही हैं। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि हमलावरों के भागने के रूट का पता लगाया जा सके।