दिल्ली में वायु प्रदूषण पर सख्ती: हॉटस्पॉट की मैपिंग शुरू, 31 अक्टूबर तक सड़क निर्माण कार्यों को पूरा करने का लक्ष्य
दिल्ली सरकार ने वायु प्रदूषण से निपटने के लिए अभियान तेज किया है, जिसमें हॉटस्पॉट्स की मैपिंग और 31 अक्टूबर तक लंबित सड़क कार्यों को पूरा करने का लक्ष्य है।

दिल्ली सरकार ने वायु प्रदूषण से निपटने के लिए अपना अभियान तेज कर दिया।
HighLights
प्रदूषण हॉटस्पॉट्स की मैपिंग और स्रोतों की पहचान के निर्देश दिए गए।
31 अक्टूबर तक लंबित सड़क और सिविल कार्य पूरे करने का लक्ष्य।
सड़क धूल, निर्माण प्रदूषण, कचरा जलाने पर सख्त कार्रवाई के आदेश।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने वायु प्रदूषण से निपटने के लिए अपना अभियान तेज कर दिया है। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा की अध्यक्षता में पूर्वी, उत्तर-पूर्वी, दक्षिण-पूर्वी और दक्षिणी दिल्ली के जिला स्तरीय समीक्षा बैठकों में अधिकारियों को प्रदूषण के हॉटस्पॉट्स का मैपिंग करने, तीन किलोमीटर के दायरे में स्रोतों की पहचान करने और संबंधित एजेंसियों को विशिष्ट सुधारात्मक उपाय व समयसीमा सौंपने के निर्देश दिए गए।
सरकार ने जहां संभव हो, लंबित सड़क और सिविल कार्यों को पूरा करने का लक्ष्य 31 अक्टूबर तय किया है। सड़क की धूल, निर्माण प्रदूषण, कचरा जलाना, अवैध पार्किंग और यातायात जाम के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश जारी किए गए हैं।
जमीनी स्तर पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया
अधिकारियों को एक्यूआई निगरानी डेटा का उपयोग कर समस्या क्षेत्रों की पहचान करने, प्रदूषण के स्रोतों का आकलन करने और जमीनी स्तर पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया। जिला प्रशासन एक्यूआई स्टेशनों के आंकड़ों के आधार पर प्रदूषण हॉटस्पॉट्स का मानचित्रण करेंगे।
प्रत्येक हॉटस्पॉट में सड़क की धूल, यातायात जाम, वाहन उत्सर्जन, निर्माण व विध्वंस गतिविधियां, अनधिकृत पार्किंग, खुले या ढके न हुए क्षेत्र तथा बायोमास या कचरा जलाने जैसे स्रोतों का आकलन किया जाएगा। जहां लागू हो, हॉटस्पॉट के तीन किलोमीटर दायरे में प्रदूषण पैदा करने वाली गतिविधियों की भी जांच की जाएगी।
धूल और जाम वाले क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा
अधिकारियों को स्रोत-वार कार्य योजनाएं तैयार करनी होंगी, जिनमें सुधारात्मक उपाय, जिम्मेदार एजेंसी और क्रियान्वयन की समयसीमा स्पष्ट होगी। पीएम10 और पीएम2.5 के उच्च स्तर वाले स्थानों, विशेषकर भारी यातायात, भारी वाहनों की पार्किंग, अधिक सड़क धूल और जाम वाले क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इन जगहों का निरीक्षण कर तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
सरकार ने एजेंसियों को प्राथमिकता के आधार पर और जहां संभव हो, 31 अक्टूबर तक लंबित सिविल कार्य पूरे करने के निर्देश दिए हैं। इनमें गड्ढों की मरम्मत, ब्राउन एरिया का उपचार व विकास तथा अन्य सड़क व सड़क किनारे के कार्य शामिल हैं। पूरे किए गए कार्यों का उचित रखरखाव कर सड़क धूल कम करने को भी कहा गया है।
जहां अन्य परियोजनाओं के कारण आवश्यक कार्य पूरे नहीं हो पा रहे, वहां सड़क की सतह बहाल होने तक पानी छिड़काव और अन्य धूल दमन उपाय जारी रखने होंगे। ये कदम दिल्ली की हवा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
