दिल्लीवालों को नहीं लगाने पड़ेंगे सरकारी दफ्तरों के चक्कर, अब 30 रुपये में मिलेंगी 75 ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाएं
सरकार ने डिजिटल डिवाइड कम करने के लिए ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाओं को दिल्ली के 7,000 से अधिक कॉमन सर्विस सेंटरों से ...और पढ़ें

समय कम है?
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राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। डिजिटल डिवाइड को कम करने और लोगों तक सरकारी सेवाएं आसान तरीके से पहुंचाने के लिए सरकार ने ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाओं को कामन सर्विस सेंटर (सीएमसी) नेटवर्क से जोड़ दिया है। अब नागरिकों को छोटे-छोटे कामों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
दिल्ली भर में चल रहे 7,000 से अधिक सक्रिय सीएससी केंद्रों के माध्यम से लोगों को स्थानीय स्तर पर ही सेवाएं मिल सकेंगी।
इस व्यवस्था के तहत आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र, जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र, सामाजिक कल्याण, खाद्य एवं आपूर्ति, श्रम तथा शिक्षा विभाग से जुड़ी लगभग 75 ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाएं उपलब्ध होंगी। हर सेवा के लिए केवल 30 रुपये का नाममात्र शुल्क तय किया गया है।
ईडब्ल्यूएस दाखिला ऑनलाइन प्लेटफार्म
शिक्षा में पारदर्शिता और समय पर प्रवेश सुनिश्चित करने के लिए आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस), वंचित समूह (डीजी), विशेष आवश्यकता वाले बच्चे (सीडब्ल्यूएसएन) श्रेणी के दाखिलों के लिए एक नया डिजिटल प्लेटफार्म शुरू किया गया है।
पहले इस्तेमाल हो रहे पुराने साफ्टवेयर को हटाकर यह नया, सुरक्षित और क्लाउड आधारित सिस्टम लागू किया गया है। इसे शुरू करने से पहले इसकी पूरी तरह सुरक्षा जांच (ऑडिट) भी कराई गई, ताकि डेटा सुरक्षित रहे और प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो।
अब फर्जीवाड़ा और दोहराव रोकने के लिए आधार के माध्यम से पहचान सत्यापन और जन्म प्रमाणपत्र का डिजिटल वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है। इस नई व्यवस्था से पात्र बच्चों को निजी स्कूलों में मुफ्त शिक्षा का अधिकार निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से मिलेगा।
