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रावण-मेघनाद के साथ आज जलेगा 30 फीट का 'कॉकरोच', पीतमपुरा रामलीला में खास पुतला देखने उमड़ रही भीड़

By Sanjay KumarEdited By: Kushagra Mishra
Published: Tue, 20 Oct 2026 06:03 PM (IST)

दिल्ली के पीतमपुरा में दशहरे पर रावण के साथ 30 फीट ऊंचे कॉकरोच के पुतले का दहन होगा। यह स्वच्छता ...और पढ़ें

HighLights

  1. पीतमपुरा में दशहरे पर जलेगा 30 फीट का कॉकरोच पुतला।

  2. यह पुतला स्वच्छता और स्वच्छ भारत अभियान का प्रतीक है।

  3. लोगों में इस अनोखे पुतले को देखने का उत्साह है।

जागरण संवाददाता, बाहरी दिल्ली। दिल्ली के पीतमपुरा स्थित नेताजी सुभाष प्लेस के डीडीए ग्राउंड में दशहरे पर एक अनोखा नजारा देखने को मिलेगा। यहां श्री केशव रामलीला कमेटी की ओर से रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों के साथ 30 फीट ऊंचे कॉकरोच के पुतले का भी दहन किया जाएगा।

इस अनोखे पुतले को देखने के लिए लोगों में खासा उत्साह है और मैदान में इसे देखने के लिए दर्शकों की भीड़ पहुंच रही है। आमतौर पर दशहरे पर रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन होता है, लेकिन इस बार कॉकरोच का विशाल पुतला भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

पुतले को लेकर लोगों में उत्सुकता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मंगलवार शाम पांच बजे तक मैदान में प्रवेश नहीं दिया गया। वहीं, पुतले की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त स्टाफ भी तैनात किया गया है।

गंदगी के खिलाफ दिया जाएगा संदेश

कमेटी के मुताबिक, कॉकरोच को गंदगी और मैल का प्रतीक मानते हुए इसके पुतले का दहन किया जाएगा। इसका उद्देश्य स्वच्छ भारत और स्वच्छ दिल्ली अभियान के संदेश को आगे बढ़ाना तथा लोगों को घरों, गलियों और आसपास के वातावरण को साफ रखने के प्रति जागरूक करना है।

कमेटी का कहना है कि दशहरे पर बुराई पर अच्छाई की जीत के पारंपरिक संदेश के साथ स्वच्छता का संदेश भी दिया जाएगा।

तीन-चार दिन में तैयार हुआ पुतला

कॉकरोच के पुतले को तैयार करने में तीन से चार दिन लगे, जबकि पारंपरिक पुतलों के निर्माण में करीब एक महीने का समय लग सकता है। इस बार कॉकरोच को रावण की सेना के असुरों के बीच प्रतीकात्मक रूप से दिखाने की योजना है।

सोशल मीडिया पर भी चर्चा

कॉकरोच के पुतले को लेकर सोशल मीडिया पर भी चर्चा हो रही है। जहां कुछ लोग इसे स्वच्छता का अनोखा संदेश मान रहे हैं, वहीं कुछ ने धार्मिक आयोजन में इस तरह के प्रतीक को शामिल करने पर सवाल उठाए हैं। यह देखना दिलचस्प है कि रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के बीच खड़ा विशाल कॉकरोच दर्शकों के लिए बड़ा आकर्षण बन है।