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दिल्ली के किशनगढ़ में दो ड्रग तस्कर समेत तीन गिरफ्तार, तीन किलो से ज्यादा गांजा जब्त

Published: Mon, 20 Apr 2026 10:54 AM (IST)

किशनगढ़ पुलिस ने दो ड्रग तस्करों और एक पेडलर को गिरफ्तार किया है, जो मूल रूप से नगालैंड के रहने ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर। सौजन्य- AI generated

सांकेतिक तस्वीर। सौजन्य- AI generated

HighLights

  1. किशनगढ़ पुलिस ने दो तस्करों सहित तीन ड्रग पेडलर पकड़े।

  2. गिरफ्तार आरोपियों से 3.142 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया।

  3. बेरोजगारी और लालच में नगालैंड के आरोपी बने ड्रग सप्लायर।

जागरण संवाददाता, दक्षिणी दिल्ली। किशनगढ़ थाने की टीम ने दो ड्रग तस्कर व एक ड्रग पेडलर को गिरफ्तार किया है। तीनों मूलरूप से नगालैंड के रहने वाले हैं। पुलिस के मुताबिक ड्रग सप्लायर के कैनाका रोचिल मुनिरका में रहता था। वहीं दोनों ड्रग पेडलर ओर्जित लामा व पुलोटो शनि बाजार रोड किशनगढ़ में रहकर तस्करी की वारदात को अंजाम देते थे।

टीम ने उनके कब्जे से 3.142 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। दक्षिणी पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त अमित गोयल के मुताबिक चार अप्रैल को किशनगढ़ थाने की टीम गश्त पर थी। अरुणा आसफ अली रोड पर आइयूएसी रेड लाइट पर दो संदिग्ध को रोका। तलाशी में उनके पास से गांजा बरामद हुआ।

एनडीपीएस एक्ट की धारा-20 के तहत मामला दर्ज

इस पर एफआईआर दर्ज कर एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 के तहत मामला दर्ज किया गया और दोनों आरोपित ओरजित लामा और पुलोटो को गिरफ्तार किया गया। आगे की जांच के दौरान इन दोनों को गांजा सप्लाई करने वाले मुनिरका निवासी आरोपित के कैनाका रोचिल का पता चला, उसे भी गिरफ्तार किया गया।

लगातार पूछताछ के दौरान पता चला कि आरोपित इस इलाके में गांजे की स्थानीय सप्लाई में सक्रिय रूप से शामिल थे। के. कैनाका रोचिल अपने जान-पहचान वालों से प्रतिबंधित पदार्थ खरीदकर आगे सप्लाई करता था। आरोपित पुलोटो उससे गांजा खरीदकर आगे सप्लाई करता था, जबकि ओरजित लामा प्रतिबंधित पदार्थ को लगभग 500 रुपये की कीमत वाले छोटे-छोटे पैकेटों में दोबारा पैक करके उन्हें सड़कों पर बेचता था।

पुलिस से बचने के लिए आरोपियों ने सामान को छिपाकर पैक करने के तरीके अपनाए, जिसमें कूरियर-जैसी पैकिंग भी शामिल थी। इसके अलावा, चूंकि सभी आरोपित एक ही मूल इलाके के रहने वाले थे, इसलिए उनके बीच आपसी विश्वास बहुत मज़बूत था। इसी भरोसे ने उन्हें अपना नेटवर्क बनाने में मदद की और उनकी अवैध गतिविधियों को छिपाए रखने में भी सहायक बनी।

1. के कैनाका रोचिल (निवासी-मुनिरका, उम्र-20 साल): मूलरूप से दीमापुर, नगालैंड का रहने वाला है। वह बेरोजगारी के चलते दिल्ली आया था और होटलों तथा रेस्टोरेंट में फूड डिलीवरी ब्वाय के तौर पर काम करने लगा था। इसके साथ ही, उसने प्रतिबंधित सामान खरीदना और उसे आगे सप्लाई करना शुरू कर दिया ताकि वह अतिरिक्त कमाई कर सके।

2. ओरजित लामा (निवासी-शनि बाजार रोड-किशनगढ़, उम्र-29 वर्ष): दीमापुर, नगालैंड का स्थायी निवासी है। वह पहले एक होटल कर्मचारी था, जिसने पहले एयरोसिटी इलाके में हास्पिटैलिटी संस्थानों में काम किया था। बताया जाता है कि वह नशे की लत, बेरोजगारी और आसानी से पैसे कमाने के लालच के कारण अवैध नशीले पदार्थों के व्यापार की ओर मुड़ गया।

3. पुलोटो (निवासी-शनि बाजार रोड-किशनगढ़, उम्र-24 वर्ष) दीमापुर, नगालैंड का स्थायी निवासी है। वहां से आकर यहां बसा था। पहले बेंगलुरु के एक कैफे में काम किया। फिर अपने साथियों के प्रभाव और पैसों के लालच में आकर नशीले पदार्थों के व्यापार में शामिल हुआ। बताया जाता है कि वह खुद नशा नहीं करता था और मुख्य रूप से प्रतिबंधित पदार्थों को बांटने के काम में लगा हुआ था।