विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यूट्यूबर ध्रुव राठी के वीडियो से मचा बवाल, अदालत पहुंचा मामला; दिल्ली पुलिस से मांगी रिपोर्ट

Published: Fri, 12 Jun 2026 12:37 AM (IST)

साकेत कोर्ट ने यूट्यूबर ध्रुव राठी के खिलाफ अपमानजनक वीडियो मामले में दिल्ली पुलिस से 'एक्शन टेकन रिपोर्ट' (एटीआर) मांगी है।

दिल्ली साकेत कोर्ट।

दिल्ली साकेत कोर्ट।

HighLights

  1. साकेत कोर्ट ने ध्रुव राठी के खिलाफ एटीआर मांगी।

  2. यूट्यूबर पर हिंदू देवी-देवताओं के अपमान का आरोप।

  3. दिल्ली पुलिस को 10 सितंबर 2026 तक रिपोर्ट देनी है।

जागरण संवाददाता, दक्षिणी दिल्ली। दिल्ली में साकेत कोर्ट ने यूट्यूबर ध्रुव राठी के खिलाफ एक आपराधिक शिकायत पर दिल्ली पुलिस से 'एक्शन टेकन रिपोर्ट' (एटीआर) मांगी है। राठी के खिलाफ एफआइआर दर्ज करने की मांग करते हुए एक शिकायत दर्ज की गई है।

आरोप है कि राठी ने हिंदी देवी-देवताओं को लेकर एक अपमानजनक वीडियो अपलोड और पब्लिश की है।

वीडियो में सनातन धर्म का अपमान

शिकायतकर्ता अमिता सचदेवा ने आरोप लगाया है कि वीडियो में सनातन धर्म का अपमान, हिंदू धर्मग्रंथों को गलत तरीके से पेश करना, हिंदू-विरोधी भावनाएं फैलाना और धार्मिक अशांति भड़काना शामिल है। ये सभी गंभीर अपराध हैं जिन पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है।

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट निहारिका कुमार शर्मा ने साकेत के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन के एसएचओ को एटीआर दाखिल करने का निर्देश दिया है।

कोर्ट ने 9 जून को आदेश दिया कि संबंधित एसएचओ 'की गई कार्रवाई' की रिपोर्ट दाखिल करें। कोर्ट को बताएं कि क्या शिकायतकर्ता की ओर से पुलिस स्टेशन में कोई शिकायत की गई है या मिली है।

क्या कोई एफआईआर दर्ज की गई

कोर्ट ने यह भी पूछा है कि क्या कोई शिकायत दर्ज की गई है और क्या उस पर कोई कार्रवाई की गई है। क्या आरोपी व्यक्ति के खिलाफ कोई संज्ञेय अपराध बनता है, और क्या पुलिस ने कोई कार्रवाई की है? यदि हां, तो क्या कोई एफआईआर दर्ज की गई है और जांच की स्थिति क्या है।

इस मामले में रिपोर्ट दाखिल करने के लिए 10 सितंबर, 2026 की तारीख तय की गई है। अमिता सचदेवा ने वकील मकरंद डी. अडकर और अन्य के जरिए शिकायत दर्ज कराई।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि 21 मार्च, 2026 को उन्हें ध्रुव राठी द्वारा अपने यूट्यूब चैनल पर अपलोड और पब्लिश किए गए बेहद अपमानजनक और मानहानिकारक वीडियो के बारे में पता चला।

यह भी पढ़ें- दिल्ली कोर्ट का आदेश: पत्नी और ससुराल वालों पर आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज हो

पेशे से वकील शिकायतकर्ता सचदेवा ने कहा है कि इस वीडियो का इस्तेमाल जान-बूझकर हिंदू धर्मग्रंथों और परंपराओं का अपमान करने, हिंदू एकता को नुकसान पहुंचाने और सनातन धर्म व उसके अनुयायियों के प्रति नफरत फैलाने के लिए किया गया है।