नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। बहुचर्चित जेबीटी शिक्षक भर्ती घोटाले मेंं दस साल की सजा भुगत रहे हरियाणा के पूर्व मुख्यमंंत्री ओमप्रकाश चौटाला की पैरोल याचिका पर जवाब दायर न करने पर हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार को फटकार लगाई है। न्यायमूर्ति एके पाठक की पीठ ने तिहाड़ जेल अधीक्षक को अगली सुनवाई मेंं व्यक्तिगत रूप से पेश होकर चौटाला का चिकित्सा संबंधी रिकार्ड दायर करने को कहा है। मामले की सुनवाई 31 अगस्त को होगी।

अदालत ने दिल्ली सरकार से कहा है कि आप अपना जवाब शपथपत्र सहित क्योंं नहींं दाखिल करते। आपको कई बार जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया है लेकिन हर बार जवाब दाखिल नहींं किया जाता है। उधर, चौटाला के अधिवक्ता ने कहा कि उनके मुवक्किल का मेदांता अस्पताल मेंं इलाज चल रहा है। वहां के डॉक्टरोंं को उनकी स्वास्थ्य संबंधी पूरी जानकारी है। ऐसे मेंं मेदांता मेंं इलाज के लिए पैरोल दी जानी चाहिए।

आय से अधिक संपत्ति मामला: कोर्ट ने ओमप्रकाश चौटाला के खिलाफ जारी किया पेशी वारंट

गौरतलब है कि वर्ष 1999-2000 मेंं हरियाणा मेंं हुए जेबीटी शिक्षकोंं की भर्ती मेंं हुए घोटाले के संबंध मेंं 22 जनवरी को रोहिणी कोर्ट स्थित सीबीआइ की विशेष अदालत ने ओम प्रकाश चौटाला व उनके पुत्र अजय सिंह चौटाला सहित 10 लोगोंं को 10 साल कैद की सजा सुनाई थी। इस मामले मेंं एक आरोपी पुष्करमल वर्मा को पांच साल कैद व 44 आरोपियोंं को चार-चार साल कैद की सजा सुनाई गई थी। इस मामले मेंं कई अन्य आरोपियोंं के अतिरिक्त ओमप्रकाश चौटाला ने भी निचली अदालत के इस फैसले को हाई कोर्ट व फिर सुप्रीम कोर्ट मेंं चुनौती दी थी। दोनोंं ही कोर्ट ने चौटाला को राहत देने से इंकार करते हुए सजा को बरकरार रखा है।

Posted By: Amit Mishra

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस