'न कुत्ते दिखेंगे न बंदरों की उछलकूद', BRICS के लिए दिल्ली में विशेष मुहीम; VVIP रास्तों पर टीमें तैनात
ब्रिक्स सम्मेलन के लिए दिल्ली में विशेष अभियान चलाया जा रहा है ताकि विदेशी मेहमानों को सड़कों पर आवारा पशुओं का सामना न करना पड़े।
HighLights
ब्रिक्स सम्मेलन के लिए दिल्ली में आवारा पशु हटाए जा रहे।
वीवीआईपी मार्गों से गोवंश, कुत्ते, बंदरों को हटाया जा रहा।
भारत मंडपम से अब तक 50 आवारा कुत्ते हटाए गए।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। आम दिनों में सड़कों पर मस्ती से टहलते बेघर गोवंश व आवारा कुत्ते नहीं दिखाई दे। इसी तरह, बंदरों की उछलकूद भी न दिखाई दें तो चौंके न।
ब्रिक्स सम्मेलन में केवल सुरक्षा व सुंदरता का ही ख्याल ही नहीं रखा जा रहा, बल्कि सड़कों को सुरक्षित व सुंदर बनाया जा रहा है, जिसके तहत बेघर गोवंश व आवारा कुत्तों के साथ उछल कूद मचाने वाले बंदरों पर भी ध्यान है।
सम्मेलन के दौरान विदेशी मेहमानों को दिल्ली की सड़कों पर आवारा पशुओं का सामना न करना पड़े, इसके लिए सिविक एजेंसियों ने विशेष अभियान की शुरुआत की है।
इन मार्गों को रखा जाएगा आवारा पशुओं से मुक्त
आयोजन स्थलों, मेहमानों के ठहरने वाले होटलों और उनके आवागमन वाले प्रमुख मार्गों को आवारा पशुओं से मुक्त रखा जाएगा।
इन मार्गों से बेघर गोवंश, बंदर और आवारा कुत्तों को हटाकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। भारत मंडपम और आसपास के क्षेत्र में अभियान शुरू भी कर दिया गया है। यहां से अब तक करीब 50 आवारा कुत्तों को हटाया जा चुका है।
एमसीडी के एक अधिकारी के अनुसार, सम्मेलन के लिए प्रमुख मार्गों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। इसके लिए टीमें गठित की गई है। जहां भी आवारा पशु दिखाई देंगे, उन्हें तत्काल हटाने के लिए टीम भेजी जाएगी।
अभियान में सड़कों पर घूमने वाले गोवंश और आवारा कुत्तों को पकड़कर निर्धारित गोशालाओं और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
विभिन्न विभागों के बीच चल रहा समन्वय
वहीं, दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में मौजूद बंदरों को पकड़ने के बाद वन क्षेत्रों में छोड़े जाने की योजना है। इसके लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय किया जा रहा है।
सिविक एजेंसियां आयोजन स्थलों के अलावा होटल, पार्किंग क्षेत्र, प्रमुख चौराहों और मेहमानों के काफिले के गुजरने वाले रास्तों पर विशेष नजर रखेंगी।
टीमों को संवेदनशील स्थानों की पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि सम्मेलन के दौरान किसी मार्ग पर अचानक आवारा पशुओं के पहुंचने से यातायात प्रभावित न हो।
अधिकारियों का कहना है कि सम्मेलन समाप्त होने तक प्रमुख मार्गों पर निगरानी और पशुओं को हटाने की कार्रवाई जारी रखने की तैयारी है।
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