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स्टार्टअप्स और युवाओं को पंख लगाएगा 'गो-दिल्ली फाउंडेशन', दिल्ली सरकार ₹50 करोड़ के बजट को दी मंजूरी

Published: Mon, 19 Oct 2026 01:18 PM (IST)

दिल्ली सरकार ने 'गो-दिल्ली फाउंडेशन' के गठन को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य 21 हजार स्टार्टअप्स को बाजार तक पहुंचने और रोजगार के अवसर बढ़ाने में मदद करना है।

गो दिल्ली फाउंडेशन को मिली मंजूरी (AI-Generated Image)

गो दिल्ली फाउंडेशन को मिली मंजूरी (AI-Generated Image)

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने युवाओं, शोधकर्ताओं और उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए गो-दिल्ली फाउंडेशन के गठन को मंजूरी दी है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई पिछली कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया। फाउंडेशन के लिए 50 करोड़ रुपये की प्रारंभिक बजट राशि स्वीकृत की गई है। इसका उद्देश्य नए विचारों को व्यावहारिक उत्पादों में बदलने, स्टार्टअप को बाजार तक पहुंचाने, निवेश आकर्षित करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए एकीकृत सहयोग उपलब्ध कराना है।

करीब 21 हजार स्टार्टअप

दिल्ली में उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआइआइटी) से मान्यता प्राप्त करीब 21 हजार स्टार्टअप हैं। सरकार का लक्ष्य इन स्टार्टअप के साथ शैक्षणिक संस्थानों, शोधकर्ताओं, उद्योग जगत और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को साझा मंच उपलब्ध कराना है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अनुसार, फाउंडेशन के माध्यम से उद्यमियों को उत्पाद इंजीनियरिंग, प्रोटोटाइप निर्माण, प्रयोगशालाओं और परीक्षण सुविधाओं तक पहुंच मिलेगी। उत्पादों के परीक्षण और प्रमाणन की तैयारी से लेकर बाजार में उतारने तक सहयोग उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा।

विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को अवसर

फाउंडेशन विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को अपने विचारों को वास्तविक उत्पादों और नए उद्यमों में बदलने में मदद करेगा। इससे शोध संस्थानों में विकसित तकनीकों को व्यावहारिक इस्तेमाल तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

सरकारी समस्याओं के समाधान में भी भागीदारी

सरकारी विभाग अपनी वास्तविक समस्याएं नवाचारकर्ताओं के सामने रख सकेंगे। स्टार्टअप इन चुनौतियों के समाधान के लिए उत्पाद और तकनीक विकसित करेंगे, जिनका पायलट आधार पर परीक्षण किया जा सकेगा।

यह फाउंडेशन उद्योग जगत, शिक्षण संस्थानों, निवेशकों और अन्य भागीदारों के साथ मिलकर काम करेगा। इसके लिए ‘हब एंड स्पोक’ मॉडल अपनाया जाएगा, जिसके अंतर्गत दिल्ली में पहले से उपलब्ध सुविधाओं और भागीदार संस्थानों के माध्यम से कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।

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