डीटीसी चालकों की हड़ताल से दिल्ली में यात्रियों की मुश्किलें बढ़ीं, आठवें दिन भी जारी परेशानी
डीटीसी बसों के निजी चालकों की हड़ताल का आठवां दिन है, जिससे दिल्ली के यात्रियों को भारी परेशानी का सामना ...और पढ़ें

आईटीओ बस स्टॉप पर बस का इंतजार करते लोग।
HighLights
निजी डीटीसी चालकों की हड़ताल का आठवां दिन।
यात्रियों को बसों के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
कई रूटों पर बसों की संख्या अभी भी सीमित है।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। यात्री बस स्टाप पर खड़े हैं, लेकिन उनका सफर शुरू नहीं हो रहा है। मंगलवार की दोपहर को विभिन्न स्टाप पर बेसब्र यात्रियों की निगाह कभी मोबाइल फोन में डीटीसी की वन दिल्ली एप पर तो कभी सड़क पर हर आती-जाती बस पर टिकी रही।
जो बसें आती, उसमें पहले से इतनी भीड़ रही कि अधिकतर यात्री चढ़ ही नहीं पाए। फिर उनका अगली बस का इंतजार शुरू हो गया। डीटीसी बसों का संचालन कर रही निजी कंपनियों के चालकों की हड़ताल के साथ यात्रियों की परेशानी का सिलसिला आठवें दिन में पहुंच गया। मंगलवार को भी कई बस स्टापों पर यात्रियों की बेबसी दिखाई दी। चिंता यह कि कई रूट पर बसों की संख्या अब भी काफी सीमित है।
कई स्थानों पर बसों की कमी से यात्रियों को घंटों इंतजार जारी रहा
आइटीओ, चौधरी चरण सिंह मार्ग, दिल्ली गेट, दरियागंज, दिल्ली सचिवालय और मंडी हाउस समेत कई स्थानों पर बसों की कमी से यात्रियों को घंटों इंतजार जारी रहा। सुबह के समय बस स्टॉपों पर सबसे ज्यादा भीड़ नौकरीपेशा लोगों और स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों की रही। समय पर बस नहीं मिलने से किसी की कक्षा छूटी तो किसी को कार्यालय पहुंचने की चिंता सताती रही।
कई ने मजबूरी में मेट्रो, ऑटो और ई-रिक्शा का सहारा लिया। इससे जहां सफर का समय बढ़ा, वहीं रोजाना यात्रा का खर्च भी बढ़ा हुआ है। मेट्रो स्टेशन से घर या कार्यालय दूर होने पर लोगों को आगे का सफर ऑटो या ई-रिक्शा से करना पड़ा।
लोग ढाई घंटे तक बस स्टॉपो पर करते रहे इंतजार
उत्तम नगर जाने के लिए परिवार के साथ बस का इंतजार कर रहे अंबिका सिंह करीब ढाई घंटे से बस स्टाप पर खड़े थे। उन्होंने बताया कि उत्तम नगर जाने वाली बस का इंतजार करते काफी समय बीत गया, लेकिन अब तक बस नहीं आई। परिवार के साथ होने के कारण बार-बार साधन बदलना भी आसान नहीं है।
वहीं, खान मार्केट जाने वाले भुवन चंद ने बताया कि वह करीब आधे घंटे से बस का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हड़ताल के दौरान वह मेट्रो से सफर कर रहे थे। अब दोबारा बस से जाने की कोशिश की, लेकिन बसों की संख्या कम होने से इंतजार बढ़ गया है।
उधर, आंदोलनरत चालकों के संगठन का दावा है कि हड़ताल जारी है। जबकि, दिल्ली सरकार ने बसों के संचालन के लिए अपने चालक उतार दिए हैं। हालांकि, तब भी स्थिति में बड़ा परिवर्तन नहीं है। इस बीच डीटीसी के संविदा चालकों ने भी हड़ताल की चेतावनी दी है। जिससे मामला फिर पटरी से उतर सकता है।
