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Brics Summit 2026 में बारिश और जलभराव से निपटने को 5000 से ज्यादा कर्मचारी तैनात, 848 कैमरों से हो रही निगरानी

Published: Fri, 11 Sep 2026 10:54 PM (IST)Updated: Fri, 11 Sep 2026 11:01 PM (IST)

दिल्ली में ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान वर्षा के अनुमान के चलते जलभराव से निपटने के लिए एमसीडी और एनडीएमसी ने ...और पढ़ें

ब्रिक्स सम्मेलन के भारत मंडपम के मुख्य द्वार के बाहर वर्षा से जमा पानी पर झाड़ू लगाते सफाइकर्मी। चंद्र प्रकाश मिश्र

ब्रिक्स सम्मेलन के भारत मंडपम के मुख्य द्वार के बाहर वर्षा से जमा पानी पर झाड़ू लगाते सफाइकर्मी। चंद्र प्रकाश मिश्र

HighLights

  1. ब्रिक्स सम्मेलन के लिए दिल्ली में 5000 से अधिक कर्मी तैनात।

  2. जलभराव रोकने हेतु एमसीडी-एनडीएमसी द्वारा विशेष व्यवस्थाएं की गईं।

  3. मेडिकल व आपदा प्रबंधन टीमें भी आपात स्थिति के लिए तैयार।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान वर्षा का अनुमान है। ऐसे में जलभराव, साफ-सफाई समेत अन्य समस्याओं को त्वरित निदान के लिए एमसीडी और एनडीएमसी ने 5000 से ज्यादा कर्मियों की तैनाती की है। खास तौर पर एनडीएमसी की चिंता जलभराव को लेकर हैं।

जलभराव रोकने के पुख्ता इंतजाम

इसलिए एनडीएमसी व एमसीडी के कर्मचारी अतिथियों के आवागमन वाले जिन मार्गों पर तैनात हैं वहां पर जलजमाव न होने देने के लिए कार्य कर रहे है। भारत मंडपम के सामने तो एमसीडी के कर्मचारी वायपर और झाडू लेकर तैनात है। जैसे ही शुक्रवार दोपहर को वर्षा हुई तो वर्षा बंंद होेते ही कर्मचारी वाइपर से पानी को सड़क से सुखाते दिखाई दिए वहीं झाडू से भी पानी को एक जगह पर न रुकने देने का प्रयास कर्मियों का था।

848 कैमरे से ले रहे लाइव फीड

एनडीएमसी के उपाध्यक्ष कुलजीत चहल ने बताया कि हमने जलभराव के संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त संसाधन लगाए हैं। साथ ही एनडीएमसी कंट्रोल कंमाड सेंटर से इसकी निगरानी की जा रही है। जहां पर 16 हजार स्ट्रीट लाइट की निगरानी हो या फिर 848 कैमरे से लाइव फीड का विश्वलेषण करके त्वरित कार्रवाई की जा रही है।

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ब्रिक्स सम्मेलन के भारत मंडपम के मुख्य द्वार के बाहर वर्षा से जमा पानी को निकालने के लिए वाइपर लेकर जाता सफाईकर्मी। चंद्र प्रकाश मिश्र

जेटिंग मशीनों से धुंलाई की जा रही 

उन्होंने बताया कि रात में सड़कों की व फुटपाथ की जेटिंग मशीनों से धुंलाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि सभी एजेंसिया समन्वय करके कार्य कर रही है ताकि गलती की कोई संभावना ही न रहे। उन्होंने यह भी बताया कि एनडीएमसी ने ब्रिक्स सम्मेलन में आने वाले मेहमानों के स्वागत के लिए विशेष तरह के फ्लावर बोर्ड सम्मेलन के स्लोगन लिखे हुए शब्दों के लगाए हैं। वहीं गोलचक्कर और चोराहों पर भी यह फ्लाॅवर टावर भी लगाए हैं।

11 सदस्यीय मेडिकल टीम तत्काल होगी सक्रिय

एनडीएमसी ने सम्मेलन के दौरान किसी भी मेडिकल इमरजेंसी से तत्काल निपटने के लिए 11 सदस्यीय क्विक मेडिकल रिस्पांस टीम (क्यूएमआरटी) गठित की है। इसमें विशेषज्ञ चिकित्सक, नर्सिंग अधिकारी और अन्य चिकित्सा कर्मी शामिल हैं। किसी भी आपात स्थिति में टीम को तत्काल मौके पर भेजा जाएगा।

आपदा प्रबंधन टीम भी तैनात

इसके साथ ही आठ सदस्यीय समर्पित आपदा प्रबंधन टीम भी तैयार रखी गई है। इसमें वरिष्ठ विशेषज्ञ चिकित्सक और विभिन्न विभागों के प्रमुखों के साथ सहयोगी कर्मचारी शामिल हैं। यह टीम जरूरत के अनुसार तत्काल चिकित्सा हस्तक्षेप, समन्वय, मरीजों की प्राथमिकता तय करने, स्थिति स्थिर करने और अस्पताल में रेफर करने की व्यवस्था संभालेगी।