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दिल्लीवालों पर भारी नवंबर: बिन बारिश विषैली हवा ने 16 दिन लगातार ‘बहुत खराब’ AQI का बनाया रिकॉर्ड

Published: Sat, 29 Nov 2025 07:27 PM (IST)

दिल्ली के निवासियों के लिए पिछला नवंबर बहुत कठिन था। बारिश की कमी और जहरीली हवा के कारण, वायु गुणवत्ता ...और पढ़ें

शुक्रवार को छाए स्माग में ओझल रहा हुंमायू का मकबरा। चंद्र प्रकाश मिश्र

शुक्रवार को छाए स्माग में ओझल रहा हुंमायू का मकबरा। चंद्र प्रकाश मिश्र

HighLights

  1. दिल्ली में शून्य बारिश और जहरीली हवा का रिकॉर्ड।

  2. बीते 11 साल में सबसे खराब एक्यूआई की गया दर्ज।

  3. 16 दिन लगातार खराब AQI रिकॉर्ड ने उड़ाई नींद।

संजीव गुप्ता, नई दिल्ली। नवंबर में पड़े 'सूखे' ने माह की वायु गुणवत्ता को 11 वर्षों में सर्वाधिक प्रदूषित बना दिया है। शनिवार तक माह के 29 दिनों के दौरान हर रोज ही एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 'खराब', 'बहुत खराब' या 'गंभीर' श्रेणी में रहा है। शनिवार को लगातार 16 दिन भी दिल्ली का एक्यूआई 'बहुत खराब' श्रेणी में ही दर्ज किया गया। वर्ष 2015 से लेकर 2025 के दौरान लगातार इतने दिनों तक 'बहुत खराब' श्रेणी बने रहने का भी एक नया रिकार्ड बन गया है। रविवार को 17वें दिन भी यह सिलसिला जारह रहने का पूर्वानुमान है।

इस साल नवंबर में एक भी दिन वर्षा नहीं हुई। दिल्ली वासी पूरे माह ही प्रदूषित हवा में सांस लेने को मजबूर रहे। 'अच्छी', 'संतोषजनक' और 'मध्यम' श्रेणी के एक्यूआई वाला एक भी दिन नहीं रहा। 'गंभीर' श्रेणी वाले दिन कुछ कम जरूर हो गए, लेकिन 'बहुत खराब' श्रेणी वाले दिन 11 वर्षों में सबसे ज्यादा दर्ज किए गए। अब यह बात अलग है कि माह का औसत एक्यूआई इन 11 सालों का सर्वाधिक नहीं रहा है।

2015 से 2025 में किस साल नवंबर माह में कितने दिन रही किस श्रेणी की हवा

साल  अच्छा  संतोषजनक  सामान्य  खराब  बहुत खराब  गंभीर

2025 (29 तारीख तक) 

24  3
2015  21  6
2024  22  8
2023  17  9
2022  12  15  3
2021  16  12
2020  10  9
2019  11  7
2018  17  5
2017  20  7
2016  17  10

2015 से 2025 के दौरान किस साल नवंबर में कितना रहा औसत एक्यूआई 

वर्ष  औसत एक्यूआई
2025 (29 तारीख तक)  357
2024  374
2023  366
2022  321
2021  380
2020  328
2019  312
2018  335
2017  361
2016  374
2015  358

"सर्दियों के दिनों में प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों के कारण प्रदूषक तत्व छंट नहीं पाते। यदि मजबूत पश्चिमी विक्षोभों का अभाव हो तो स्थिति और बिगड़ जाती है। इस साल भी कमोबेश वैसा ही देखने को मिला है। पूरे माह वर्षा नहीं हुई। हवा भी ज्यादातर दिन मंद या शांत रही जबकि तापमान में गिरावट का दौर देखा गया। यही वजह रही कि माह में ज्यादातर दिन एक्यूआई 300 से ऊपर ही दर्ज किया गया है।"

-डाॅ. दीपांकर साहा, पूर्व अपर निदेशक, सीपीसीबी

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