दिल्ली में पिछले वर्षों के मुकाबले अक्टूबर में सुधरी आबोहवा, फिर भी राष्ट्रीय मानकों से ज्यादा
दिल्ली में अक्टूबर माह में पीएम2.5, पीएम10 और नाइट्रोजन डाइऑक्साइड का स्तर में गिरावट आई है। पिछले साल की तुलना ...और पढ़ें
-1793029791219_m.webp)
दिल्ली में पिछले साल के मुकाबले अक्टूबर में बेहतर रही आबोहवा,जागरण।
HighLights
अक्टूबर में पीएम2.5, पीएम10, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड स्तर घटा।
प्रदूषण अभी भी राष्ट्रीय वार्षिक मानकों से अधिक।
पीएम2.5 कण फेफड़ों के लिए गंभीर स्वास्थ्य जोखिम।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली में इस साल अक्टूबर में हवा में प्रदूषण फैलाने वाले प्रमुख तत्वों का स्तर पिछले कई वर्षों के मुकाबले कम दर्ज किया गया है।
पर्यावरण थिंक टैंक एनवायरोकैटलिस्ट्स के डैशबोर्ड पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 25 अक्टूबर तक पीएम2.5, पीएम10, नाइट्रोजन डाइआक्साइड और ओजोन का औसत स्तर पिछले वर्षों से कम रहा। हालांकि, कार्बन मोनोआक्साइड का स्तर पिछले साल के बराबर रहा।
यह आंकड़े केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के आंकड़ों पर आधारित हैं। इनमें इस साल 25 अक्टूबर तक के औसत की तुलना पिछले वर्षों के पूरे अक्टूबर के औसत से की गई है।
अक्टूबर में प्रदूषण का स्तर (25 अक्टूबर तक)
| प्रदूषक | 2026 | 2025 | 2016 |
| पीएम 2.5 | 67 | 108 | 147 |
| पीएम 10 | 172 | 217 | 345 |
नाइट्रोजन डाइऑक्साइड | 36 | 48 | 79 |
| ओजोन | 55 | 78 | उपलब्ध नहीं |
| कार्बन मोनोऑक्साइड | 1.80 | 1.80 | 4.70 |
(पीएम 2.5, पीएम 10, नाइट्रोजन डाइआक्साइड और ओजोन के आंकड़े माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर में हैं। कार्बन मोनोआक्साइड के आंकड़े मिलीग्राम प्रति घन मीटर में हैं।)
नाइट्रोजन डाइऑक्साइड और ओजोन के स्तर में गिरावट
आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर 2016 में पीएम 2.5 का औसत स्तर 147 रहा था, जबकि इस साल यह 67 दर्ज किया गया। इसी तरह, पीएम 10 का स्तर 345 से घटकर 172 रह गया। नाइट्रोजन डाइऑक्साइड और ओजोन के स्तर में भी गिरावट आई है।
हालांकि, प्रदूषण का स्तर कम होने के बावजूद राहत पूरी नहीं है। पीएम 2.5 और पीएम 10 के इस साल के औसत स्तर राष्ट्रीय वार्षिक मानकों क्रमशः 40 और 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से अधिक हैं।
फेफड़ों तक पहुंच सकते हैं छोटे कण
पीएम 2.5 के बेहद छोटे कण फेफड़ों के भीतर तक पहुंच सकते हैं और सांस व हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ाते हैं। पीएम 10 भी सांस की परेशानी बढ़ा सकता है।
एनवायरोकैटलिस्ट्स के मुख्य विश्लेषक एवं संस्थापक सुनील दहिया अनुसार, हवा में प्रदूषण का स्तर हवा की गति, तापमान, नमी और वर्षा पर भी निर्भर करता है। सर्दियों में मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण प्रदूषक जमीन के करीब जमा हो सकते हैं और प्रदूषण तेजी से बढ़ सकता है।
