NSUI ने नहीं दिया टिकट तो निर्दलीय दिखाया दम, बस कंडक्टर के बेटे दीपांशु शौकीन का DUSU चुनाव में जलवा
NSUI द्वारा टिकट न दिए जाने के बावजूद, दीपांशु शौकीन DUSU उपाध्यक्ष पद के लिए निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में भारी बढ़त बनाए हुए हैं।

दीपांशु शौकीन।
HighLights
दीपांशु शौकीन DUSU उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में आगे।
NSUI ने टिकट नहीं दिया था, अब पार्टी को पछतावा हो सकता है।
बस कंडक्टर के बेटे दीपांशु ने 12 हजार से अधिक वोटों की बढ़त बनाई।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। Deepanshu Shokeen Profile: DUSU Election Result आने के बाद शायद NSUI अपने चुनाव पूर्व फैसले पर पछताए और अपनी नीति पर फिर से विचार करे। हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं कि चुनाव पूर्व जो दीपांशु शौकीन एनएसयूआई से टिकट के बड़े दावेदार माने जा रहे थे, पार्टी ने उनका टिकट काट दिया।
लेकिन अब वही दीपांशु शौकीन डूसू चुनाव में बड़ा फैक्टर बनकर उभरे हैं। उन्होंने पहले ही राउंड से बढ़त बनाई और जीत की ओर अग्रसर हैं।
16 राउंड की काउंटिंग के बाद वह 12 हजार से भी ज्यादा अंतर से आगे चल रहे हैं। ऐसे में उनकी जीत तय मानी जा रही और उन्होंने खुद अपने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर खुद को विजयी घोषित कर दिया है। आइए जानते हैं कौन हैं उपाध्यक्ष पद बढ़त बनाने वाले दीपांशु शौकीन...
पीरागढ़ी के रहने वाले हैं दीपांशु
दीपांशु शौकीन बाहरी दिल्ली के पीरागढ़ी के रहने वाले हैं। दीपांशु की लोकप्रियता छात्रों के बीच पूरे चुनाव के दौरान दिखाई दी। माना जा रहा है कि यही वजह है कि दीपांशु ने एबीवीपी और एनएसयूआई दोनों के उम्मीदवारों को पछाड़ दिया है।
दीपांशु का Family Background
दीपांशु शौकीन के पिता बस कंडक्टर हैं और उनकी मां आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं। शौकीन ने भगत सिंह कॉलेज से ग्रेजुएशन की पढ़ाई 2026 में पूरी की और वर्तमान में वह डिपार्टमेंट ऑफ बुद्धिस्ट स्टडीज के छात्र हैं।
NSUI में के थे प्रबल दावेदार, टिकट कटा तो कर दी बगावत
दीपांशु का राजनीतिक सफर बेहद दिलचस्प रहा है। जब से चुनाव की सुगबुगाहट शुरू हुई तब से ही वह एनएसयूआई के प्रबल दावेदार माने जा रहे थे लेकिन पार्टी ने उनका टिकट काट दिया। बता दें कि उनका नामांकन भी हुआ था लेकिन बाद में पार्टी ने उनसे नामांकन वापस लेने को कहा।
नाराज शौकीन ने नामांकन वापस नहीं लिया और निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा। उन्होंने पूरे जोर-शोर से अपना प्रचार किया और अब नतीजा सबके सामने है।
भावुक होकर रोते हुए नजर आए
एनएसयूआई (NSUI) की संभावित सूची में मजबूत दावेदार माने जा रहे दीपांशु शौकीन और विशेष यादव को टिकट नहीं मिलने के बाद दोनों के बागी तेवर संगठन के लिए नई चुनौती बन गए। दोनों के समर्थकों में नाराजगी देखी गई और कुछ समर्थक तो डीयू की सड़कों पर भावुक होकर रोते हुए भी नजर आए।
